राहुल गांधी ने एक लाख करोड़ के निवेश पर उठाये सवाल

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Oct 19, 2026 - 09:39
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राहुल गांधी ने एक लाख करोड़ के निवेश पर उठाये सवाल

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छोटे उद्यमियों के निवेश पर सवाल उठाना उनके  रोजगार सृजन का अपमान-उद्योग सचिव

अविकल उत्तराखण्ड

नई दिल्ली/देहरादून। राहुल गांधी ने उत्तराखण्ड सरकार के 1 लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग पर सवाल उठाकर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया। राहुल ने रविवार को X पर कगा कि आटा चक्कियाँ, खाद-बीज की दुकानो से लेकर बिजली कंपनियों के 35 प्रतिशत निवेश पर भी सवाल उठाए।
इस मुद्दे पर बवाल मचने के बाद धामी सरकार में उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने राहुल गांधी के आरोपों को झूठा करार दिया। पांडे ने 5 मिनट का वीडियो बयान जारी कर कहा किछोटे उद्यमियों के निवेश पर सवाल उठाना उनके परिश्रम और रोजगार सृजन का अपमान करना है।

पढ़ें राहुल गांधी के आरोप

उत्तराखंड में निवेश के नाम पर धामी सरकार का फ़र्ज़ीवाड़ा – और यह BJP ‘डबल इंजन’ मॉडल का एक और नमूना है।

Global Investors Summit का ढिंढोरा पीटा गया: 1,779 MoU, ₹3.56 लाख करोड़। रोड शो पर जनता के लगभग ₹100 करोड़ ख़र्च हुए | फिर सरकार ने ₹1 लाख करोड़ को “ज़मीन पर उतरा निवेश” बताया।

https://x.com/rahulgandhi/status/2111721866989867496?s=48

Newslaundry ने जाँचा कि यह निवेश किसका है:

* आटा चक्कियाँ, खाद-बीज की दुकानें और छोटे क्लीनिक “निवेशक” गिन लिए गए। कुछ को पता तक नहीं था।
* ₹35,279 करोड़ – यानी 35% – सरकारी बिजली कंपनियों के हैं।
* CSR और दान से चलने वाले एक स्कूल को ₹24.49 करोड़ का “निवेशक” बताया गया।
* ₹1,200 करोड़ के “निवेशक” की कमाई चार साल से शून्य है, और रिकॉर्ड में उसका एक भी कर्मचारी नहीं।
* दुबई-लंदन के रोडशो से ₹27,975 करोड़ का दावा हुआ, पर “ज़मीन पर उतरे” निवेशकों की सूची में इन दोनों शहरों की एक भी कंपनी नहीं।

और समिट से सिर्फ़ सात दिन पहले, 1 दिसंबर 2023 को, “निवेश” की परिभाषा ही ढीली कर दी गई। इसे कहते हैं: पहले नियम बदलो, फिर आँकड़े बताओ।

मुख्यमंत्री 3,300 “निवेशकों” की पूरी सूची सार्वजनिक करें।

निवेश कागज़ पर। रोज़गार नारों में। और उत्तराखंड के युवाओं के हिस्से – पेपर लीक।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट पर भ्रामक खबरों को सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने किया खारिज

बोले, ₹1.01 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग, पूरा डेटा सार्वजनिक

पढ़ें उद्योग सचिव का पक्ष

छोटे उद्यमियों के निवेश पर सवाल उठाना उनके परिश्रम और रोजगार सृजन का अपमान: सचिव उद्योग

₹24 हजार करोड़ के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी, जल्द आयोजित होगी चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी

सरकार की निवेश प्रक्रिया पारदर्शी, उद्योग विभाग और सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है परियोजनाओं की पूरी जानकारी

उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों और उठाए जा रहे सवालों पर सचिव उद्योग एवं सचिव मुख्यमंत्री  विनय शंकर पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में निवेश से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक हैं और प्रत्येक परियोजना का विवरण संबंधित सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणा बनाना उचित नहीं है। सरकार ने निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक एक लाख एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।

सचिव उद्योग ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। राज्य का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है और भारी उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं मुख्यतः देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर तथा नैनीताल के कुछ हिस्सों में अधिक हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप राज्य की औद्योगिक नीतियां तैयार की गई हैं, जिनका उद्देश्य पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना है।

देखें वीडियो

https://youtu.be/nev0CidXi0s?si=1Zhw31dKy3glCTyh

उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गईं।
निवेशकों की सहायता के लिए निवेश मित्रों की व्यवस्था की गई, जिन्होंने निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा, सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहयोग किया और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पांडे ने कहा कि निवेश से संबंधित आंकड़े उद्योग विभाग, यूके स्पाइस और सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इनमें परियोजनाओं, संबंधित विभागों और उनके स्थान सहित आवश्यक विवरण पारदर्शिता के साथ दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह विषय लगभग आठ महीने पहले भी सोशल मीडिया पर उठाया गया था, जिस पर तथ्यों के साथ जवाब दिया गया था। सरकार ने समय-समय पर सदन में भी निवेश की स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में उपलब्ध तथ्यों की अनदेखी कर सवाल उठाना उचित नहीं है।

छोटे उद्यमों और स्थानीय निवेशकों पर की जा रही टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सचिव उद्योग ने कहा कि आटा चक्की, मोबाइल दुकान या अन्य छोटे व्यवसाय को निवेश की श्रेणी में शामिल करने पर सवाल उठाना सही दृष्टिकोण नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से 10 हजार रुपये का निवेश कर छोटा व्यवसाय शुरू करता है और उससे दो लोगों को रोजगार मिलता है, तो यह भी राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान है। निवेश का महत्व केवल उसकी राशि से नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले रोजगार और स्थानीय आजीविका के अवसरों से भी तय होता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देश है कि राज्य में बड़े से बड़े उद्यमी और छोटे से छोटे व्यवसायी, दोनों का समान सम्मान होना चाहिए। स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और उनके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। छोटे कारोबारियों के प्रयासों पर कटाक्ष करना उनके परिश्रम और आत्मनिर्भर बनने की भावना का अपमान है।

पांडे ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए विदेशों के साथ-साथ देश के प्रमुख महानगरों में रोड शो आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों सहित प्रदेश के सभी जनपदों में निवेश सम्मेलनों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को भी आमंत्रित किया गया। सरकार का उद्देश्य केवल बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देना है।

आगामी निवेश योजनाओं की जानकारी देते हुए सचिव उद्योग ने कहा कि लगभग 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी की जा रही है। इससे संबंधित विवरण भी सिंगल विंडो सिस्टम पर उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी। उन्होंने मीडिया और संबंधित लोगों से अपील की कि वे परियोजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करें, उद्यमियों से संवाद करें और धरातल पर हुए कार्यों का आकलन तथ्यों के आधार पर करें।

पांडे ने कहा कि उत्तराखंड में निवेश को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है। निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता, उद्यमियों को सहयोग और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों और धरातलीय प्रगति के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।

बहरहाल, आठ महीने पहले उठे इस मुद्दे को राहुल गांधी ने नये सिरे से उठाकर राष्ट्रीय राजनीति के बहस के केंद्र में ला दिया है। उत्तराखण्ड से जुड़े अंकिता भंडारी हत्याकांड और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के मुद्दे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है।
इसके अलावा हाल ही में भाजपा की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी साहू के बीच जारी महाभारत में 210 करोड़ के कथित भ्र्ष्टाचार पर भी विपक्ष हमलावर है।

अंकिता भंडारी मामले की जांच के लिए सीबीआई का पूर्व भजपण विधायक सुरेश राठौर से चार घण्टे पूछताछ के बाद राजनीतिक तापमान पहले से अधिक बढ़ गया है। इन चर्चित मुद्दों के अलावा एक लाख करोड़ के निवेश के दावों पर राहुल गांधी के मैदान में उतरने से भाजपा और कांग्रेस की चुनावी जंग रोचक मोड़ पर पहुंच गई है।

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