बुजुर्गों का सम्मान: हमारी संस्कृति की पहचान - मुख्यमंत्री धामी

संवादसूत्र देहरादून/हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों को समाज और राष्ट्र की “अमूल्य धरोहर” बताते हुए उनके सम्मान को सभ्य समाज की पहचान बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परिवार और […]

May 1, 2026 - 00:39
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बुजुर्गों का सम्मान: हमारी संस्कृति की पहचान - मुख्यमंत्री धामी
बुजुर्गों का सम्मान: हमारी संस्कृति की पहचान - मुख्यमंत्री धामी

बुजुर्गों का सम्मान: हमारी संस्कृति की पहचान - मुख्यमंत्री धामी

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री ने बताया कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका सम्मान सभ्य समाज की पहचान है।

संवादसूत्र देहरादून/हल्द्वानी: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में भाग लिया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों को समाज और राष्ट्र की “अमूल्य धरोहर” बताया। उन्होंने कहा कि जिस परिवार और समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहाँ की संस्कृति और परंपराएँ मजबूत होती हैं।

बुजुर्गों का जीवन अनुभव महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री धामी ने समारोह में कहा कि बुजुर्गों के अनुभव और ज्ञान का समाज में विशेष महत्व है। उनके द्वारा दी जाने वाली सलाह और मार्गदर्शन अगली पीढ़ी के लिए एक अनमोल संसाधन है। इस संबंध में उन्होंने सुझाव दिया कि हमें बुजुर्गों की बातों को सुनना और उनकी अनुभवों से सीखना चाहिए।

सम्मान की जरूरत

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को सम्मान देना न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि यह हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। समाज में जहाँ बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक साज-सज्जा सशक्त होती है। इससे समाज में एकता और समरसता का वातावरण बना रहता है।

युवाओं की भूमिका

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी को बुजुर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। युवाओं को चाहिए कि वे अपने परिवार में बुजुर्गों का सम्मान करें और उनका ध्यान रखें। इससे न केवल परिवार की संरचना मजबूत होगी, बल्कि समाज का भी विकास होगा।

कार्यक्रम की साजिश

समारोह में कई बुजुर्गों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने समाज के लिए योगदान दिया है। उन्हें गहनों, उपहारों और प्रमाण पत्रों से सम्मानित किया गया। इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन बुजुर्गों को समाज में एक स्थान देने और उनके महत्व को समझाने के लिए जरूरी है।

संपूर्ण समाज को चाहिए कि वह बुजुर्गों के प्रति अपने दृष्टिकोण को बदले। हमें उन्हें न केवल सम्मानित करना चाहिए, बल्कि उनकी रोजमर्रा की आवश्यकता को भी समझना और पूरा करना चाहिए। इसके लिए सभी को व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर प्रयास करने होंगे।

हमारे समाज में बुजुर्गों का योगदान अनमोल है। अतः हमें समाज के संवेदनशील हिस्से के रूप में उनकी देखभाल और सम्मान करने का कार्य करना चाहिए।

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शुभकामनाएँ,

Team Haqiqat Kya Hai

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