दून मास्टर प्लान: प्राकृतिक विरासत को संजोने के नए उपाय
The post दून मास्टर प्लान में प्राकृतिक विरासत को महफूज रखेंगे appeared first on Avikal Uttarakhand. देहरादून मास्टर प्लान 2041 की कवायद तेज ग्रीन देहरादून की दिशा में कदम, नदी, जंगल और हरियाली बचाने की योजना डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में मास्टर प्लान पर… The post दून मास्टर प्लान में प्राकृतिक विरासत को महफूज रखेंगे appeared first on Avikal Uttarakhand.
दून मास्टर प्लान: प्राकृतिक विरासत को संजोने के नए उपाय
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कम शब्दों में कहें तो: देहरादून मास्टर प्लान 2041 में पर्यावरण की सुरक्षा और प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। इस योजना में जनभागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में तेजी लाई है। यह नई योजना ग्रीन देहरादून की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें नदी, जंगल और हरियाली को बचाने की योजना बनाई गई है। डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस मास्टर प्लान पर गहन चर्चा की गई और इसे अंतिम रूप देने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई।
जनभागीदारी बनेगी मास्टर प्लान की नींव
बैठक में यह बताया गया कि इस बार मास्टर प्लान को पूरी तरह जनकेंद्रित बनाया जाएगा। सचिव आवास ने निर्देश दिया कि नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में विशेष कैंप आयोजित कर नागरिकों की आपत्तियां और सुझाव लिए जाएं। इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और शहरवासियों को विकास प्रक्रिया से सीधे जोड़ा जाएगा। अधिकारी मानते हैं कि स्थानीय स्तर पर प्राप्त सुझावों से मास्टर प्लान अधिक प्रभावी बनेगा।
यातायात और आधारभूत ढांचे पर विशेष ध्यान
जनसंख्या में वृद्धि और यातायात दबाव को देखते हुए, मास्टर प्लान में सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन और पार्किंग सुविधाओं के विस्तार का विशेष ध्यान रखा गया है। नए कॉरिडोर और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का प्रस्ताव भी किया गया, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या को सुलझाने में मदद मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की प्राथमिकता
देहरादून के प्राकृतिक सौंदर्य और हरित क्षेत्र की पहचान को ध्यान में रखते हुए, मास्टर प्लान में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। नदी तटों के संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और ग्रीन जोन विकसित करने की योजना बनाई गई है। सचिव आवास ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आपत्तियों के निवारण के लिए एक अन्य समिति का गठन
मास्टर प्लान से जुड़ी आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन हुआ है, जिसमें उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव शामिल हैं। यह समिति सभी आपत्तियों की सुनवाई करेगी और समयबद्ध तरीके से निर्णय प्रक्रिया को तेज करेगी।
मसूरी के लिए अलग विजन
बैठक में मसूरी क्षेत्र के मास्टर प्लान पर भी चर्चा की गई। मसूरी को एक मॉडल हिल स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, जहां पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जाएगा।
विभिन्न विभागों के समन्वय से होगा क्रियान्वयन
मास्टर प्लान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने की आवश्यकता कल्पित की गई है। इस योजना को शहरी विकास, परिवहन, पर्यावरण और पर्यटन विभाग मिलकर लागू करेंगे।
अधिक व्यवहारिक बनेगी योजना - डॉ. आर. राजेश कुमार
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देहरादून के भविष्य की रूपरेखा है। उन्होंने यह भी बताया कि वार्ड स्तर पर कैंपों के माध्यम से नागरिकों को अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा, जिससे योजना अधिक व्यवहारिक और जनोन्मुखी बनेगी।
मास्टर प्लान 2041 निवेश के नए अवसर खोलेगा - बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने मास्टर प्लान 2041 को देहरादून के विकास का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना निवेश के नए अवसर खोलेगी और शहर को एक सुव्यवस्थित, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने के लक्ष्य को पूरा करेगी।
शहर के संतुलित विकास पर ध्यान - मोहन सिंह बर्निया
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने शहर के संतुलित विकास के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की बात कही। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नागरिकों को उनके सुझावों को साझा करने का अवसर मिलेगा और सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण होगा।
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संपर्क: टीम हकीकत क्या है, साक्षी शर्मा
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