एक बार फिर अक्टूबर में आयोजित होगी आदि कैलाश परिक्रमा, ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

The post एक बार फिर अक्टूबर में होगी आदि कैलाश परिक्रमा appeared first on Avikal Uttarakhand. 70 किलोमीटर अल्ट्रा रन सेस्थानीय संस्कृति और ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। बीते साल से धामी सरकार आदि कैलाश परिक्रमा रन और नीति अल्ट्रा एक्सट्रीम रन को… The post एक बार फिर अक्टूबर में होगी आदि कैलाश परिक्रमा appeared first on Avikal Uttarakhand.

Jul 28, 2026 - 09:39
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एक बार फिर अक्टूबर में आयोजित होगी आदि कैलाश परिक्रमा, ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
एक बार फिर अक्टूबर में आयोजित होगी आदि कैलाश परिक्रमा, ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

एक बार फिर अक्टूबर में आयोजित होगी आदि कैलाश परिक्रमा

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कम शब्दों में कहें तो, यह अक्टूबर 2026 में एक बार फिर आदि कैलाश परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा। 70 किलोमीटर की अल्ट्रा रन स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने का एक अहम जरिया बनेगा।

वतर्मान में धामी सरकार आदि कैलाश परिक्रमा रन और नीति अल्ट्रा एक्सट्रीम रन को वार्षिक आयोजन के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में आदि कैलाश परिक्रमा रन के दूसरे संस्करण के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने सीएम के निर्देशों के अनुसार 24 और 25 अक्टूबर, 2026 को इसे आयोजन करने की घोषणा की।

आयोजन की तैयारियां और दिशा-निर्देश

बैठक में पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भट्टगाई, कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। पर्यटन सचिव ने आगामी अल्ट्रा मैराथन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि इस वर्ष प्रतियोगिता में 70 किलोमीटर अल्ट्रा रन श्रेणी को भी शामिल किया जाएगा। इस से यह आयोजन देश के प्रमुख अल्ट्रा मैराथन आयोजनों की श्रेणी में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा।

धीराज सिंह गर्ब्याल ने सुझाव दिया कि खिलाड़ियों के सत्यापन और प्रतियोगिता के मानकों को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के मानकों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाई जाए।

सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं

बैठक में उन्होंने जिला प्रशासन को भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत चिकित्सकों, चिकित्सा सहायकों और पैरामेडिकल कर्मियों की उपलब्धता, सुरक्षा प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था और मार्ग पर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि आयोजन क्षेत्र में 1,400 बिस्तरों की आवासीय क्षमता उपलब्ध है, और पर्यटन सचिव ने वर्तमान और संभावित आवासीय क्षमता का आकलन करने का आदेश दिया। जलपान केंद्र, चिकित्सा सहायता केंद्र और शौचालयों जैसी सुविधाओं का चिन्हांकन भी समयबद्ध ढंग से करने की बात कही गई।

स्थानीय संस्कृति का संवर्धन

पर्यटन सचिव ने बैठक में इस बात पर बल दिया कि इस वर्ष आयोजन का विशेष फोकस वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों की सांस्कृतिक विरासत होगा। स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी, ग्राम प्रतिनिधियों की सहभागिता, सामुदायिक भोज, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और परंपराओं के माध्यम से क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना होगा।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता वाली तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफलता की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया जा सके।

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Team Haqiqat Kya Hai - सुमनगुप्ता

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