उपनल पदों पर सीधी भर्ती के लिए तीन विभागों की मंजूरी अनिवार्य: सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश
The post उपनल पदों पर सीधी भर्ती से पहले तीन विभागों की मंजूरी अनिवार्य appeared first on Avikal Uttarakhand. बिना पूर्व अनुमति भर्ती प्रस्ताव भेजने पर रोक शासन ने जारी किए निर्देश अविकल उत्तराखंड देहरादून। उपनल के माध्यम से कार्ययोजित किए जाने वाले कर्मियों के सापेक्ष सीधी भर्ती के… The post उपनल पदों पर सीधी भर्ती से पहले तीन विभागों की मंजूरी अनिवार्य appeared first on Avikal Uttarakhand.
उपनल पदों पर सीधी भर्ती के लिए तीन विभागों की मंजूरी अनिवार्य
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार ने उपनल के माध्यम से कार्ययोजित पदों पर सीधी भर्ती के लिए तीन विभागों की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। ऐसे प्रस्तावों को भेजने से पहले कार्मिक, न्याय और वित्त विभाग की मंजूरी आवश्यक होगी।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के रिक्त पदों की सीधी भर्ती के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अपर सचिव, कार्मिक एवं सतर्कता, गिरधारी सिंह रावत ने सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों एवं जिलाधिकारियों को एक पत्र में यह निर्देश दिए हैं कि किसी भी भर्ती प्रस्ताव को भेजने से पूर्व संबंधित विभागों से अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य है।
क्या है यह नया निर्देश?
चिठ्ठी में बताया गया है कि जिन पदों पर सैनिक कल्याण अनुभाग के शासनादेश दिनांक 03 फरवरी 2026 के तहत उपनल कर्मियों की तैनाती की जाएगी, उनके सापेक्ष सीधी भर्ती के अधियाचन/प्रस्ताव को भेजने से पूर्व इन तीन विभागों की अनुमति लेनी होगी। इसमें कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, न्याय विभाग एवं वित्त विभाग शामिल हैं।
सरकारी निर्णय का महत्व
इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुचारू रूप से कार्य संचालन हो। बिना पूर्व अनुमति भर्तियों की प्रक्रिया पर रोक लगाने से विभागों में क्षमता और उचित प्रबंधन में सुधार होने की उम्मीद है। यह कदम सरकारी कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया में अनुशासित और प्रभावी संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण है।
आगे की प्रक्रिया
निर्देशों के अनुसार, संबंधित विभागों द्वारा प्रस्ताव भेजने से पहले आवश्यक जांच और अनुमोदन को सही तरीके से सुनिश्चित किया जाएगा। शासन ने इस व्यवस्था के अनुपालन को सख्ती से लागू करने का भी निर्देश दिया है। ऐसे में, भर्ती प्रक्रिया में देरी या गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
इस दिशा-निर्देश का पालन सुनिश्चित करना न केवल नियुक्तियों में गुणवत्ता लाएगा, बल्कि सरकारी विभागों में कार्यकुशलता भी बढ़ाएगा। इस प्रकार के निर्णय सरकारी सेवाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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आपकी जानकारी के लिए, इस विषय पर और भी अपडेट्स आते रहेंगे। हमें उम्मीद है कि ये नए दिशा-निर्देश उत्तराखंड की सरकारी सेवा में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
सादर,
टीम हक़ीक़त क्या है, सुमन कुमारी
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