प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड प्रेम: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे उद्घाटन में लोकल कनेक्ट
14 April 2026. Dehradun. चिर परिचित अंदाज में फिर प्रकट किया उत्तराखंड प्रेम मां डाट काली से लेकर पंच बदरी-केदार तक का जिक्र मुख्यमंत्री को बताया-लोकप्रिय, कर्मठ और युवा मुख्यमंत्री Continue Reading » The post दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का जबरदस्त लोकल कनेक्ट, पहाड़ी बोली-भाषा के शब्दों को दी अपने भाषण में जगह appeared first on Mirror Uttarakhand.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन: प्रधानमंत्री मोदी का गहरा लोकल कनेक्ट
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कम शब्दों में कहें तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड के प्रति अपनी गहरी भावनाओं को दर्शाया।
14 अप्रैल 2026, देहरादून। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपनी चिर परिचित शैली में उत्तराखंड और उसकी संस्कृति को सम्मानित किया। उन्होंने अपने भाषण में मां डाट काली से लेकर पंच बदरी-केदार तक का उल्लेख करते हुए इस भव्य राज्य के प्रति अपने प्रेम को फिर से जगाया।
प्रधानमंत्री का लोकल कनेक्ट
एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के दौरान, पीएम मोदी ने सिर पर ब्रहमकमल टोपी पहनकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उनका भाषण गढ़वाली और कुमाऊंनी बोली के छोटे-छोटे वाक्यों से भरा था, जिसमें उत्तराखंड के विकास और समृद्धि की भावना झलकी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की प्रगति के प्रति उनका विशेष लगाव है, जो उन्होंने इस मौके पर एक बार फिर साबित किया।
भाषण में पहाड़ी बोली का समावेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में पहाड़ी बोली के शब्दों जैसे भुला-भुलियों, सयाणा, आमा और बाबा का प्रयोग किया, जिससे उन्होंने स्थानीय जनता के साथ गहरा कनेक्ट स्थापित किया। ये बातें दर्शाती हैं कि पीएम मोदी ने हर पहलू का ध्यान रखा है, चाहे वह वेशभूषा हो या भाषा शैली।
मां डाट काली का आशीर्वाद
इस उद्घाटन समारोह में, प्रधानमंत्री मोदी ने मां डाट काली के आशीर्वाद के महत्व का भी जिक्र किया और बताया कि देहरादून पर मां डाट काली की कृपा हमेशा बनी रहती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में स्थित संतला माता मंदिर का भी उल्लेख किया, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करता है।
स्थानीय संस्कृति, विकास और एकता
प्रधानमंत्री मोदी ने हरिद्वार कुंभ, नंदा राजजात और पंच बदरी, पंच केदार, पंच प्रयाग का उल्लेख कर उत्तराखंड की लोकल संस्कृति और धार्मिक महत्व पर भी जोर दिया। यह दर्शाता है कि मोदी न केवल विकास के प्रतीक हैं, बल्कि सांस्कृतिक एकता के भी समर्थक हैं।
मोदी और धामी का मजबूत बांडिंग
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच मजबूत बांडिंग इस कार्यक्रम में और स्पष्ट हुई। मोदी ने धामी को "लोकप्रिय, कर्मठ और युवा मुख्यमंत्री" कहते हुए उनकी मेहनत की सराहना की। जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तब मोदी-धामी के बीच बातचीत होती रही, जिससे उनके बीच की सामंजस्यता नजर आई।
यह उद्घाटन समारोह न केवल एक एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन का प्रतीक था, बल्कि मोदी और उत्तराखंड की धरती के साथ उनके गहरे नाते का भी एक प्रमाण था। इस भाषण के माध्यम से उन्होंने स्थानीय संस्कृति, भाषा और यहां की संस्कृति का मान बढ़ाया।
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टीम, Haqiqat Kya Hai (by Priya Sharma)
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