उत्तराखंड: दून विश्वविद्यालय में आयोजित बाल नाट्य समारोह ने विद्यार्थियों के विकास में रंगमंच के महत्व को उजागर किया

रंगमंच एवं लोक प्रदर्शन कला विभाग दून विश्वविद्यालय द्वारा एक दिवसीय बाल नाट्य समारोह का आयोजन किया गया। इस नाट्य समारोह में पचास से अधिक बाल कलाकारों ने प्रतिभाग किया। दून विश्वविद्यालय के थिएटर विभाग के चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रोजेक्ट कार्य के अंतर्गत देहरादून के विभिन्न विद्यालयों में बाल रंगमंच कार्यशाला का आयोजन […] The post Uttarakhand:-दून विश्वविद्यालय में रंगमंच एवं लोक प्रदर्शन कला विभाग द्वारा एक दिवसीय बाल नाट्य समारोह आयोजित,प्रो.सुरेखा डंगवाल ने कहा-रंगमंच व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक appeared first on संवाद जान्हवी.

Apr 27, 2026 - 00:39
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उत्तराखंड: दून विश्वविद्यालय में आयोजित बाल नाट्य समारोह ने विद्यार्थियों के विकास में रंगमंच के महत्व को उजागर किया
उत्तराखंड: दून विश्वविद्यालय में आयोजित बाल नाट्य समारोह ने विद्यार्थियों के विकास में रंगमंच के महत्व को उजागर किया

दून विश्वविद्यालय में बाल नाट्य समारोह का आयोजन: रंगमंच का महत्व

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कम शब्दों में कहें तो दून विश्वविद्यालय के रंगमंच एवं लोक प्रदर्शन कला विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय बाल नाट्य समारोह ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित किया। इस समारोह में पचास से अधिक बाल कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

दून विश्वविद्यालय के थिएटर विभाग के चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न विद्यालयों में बाल रंगमंच कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जो प्रोजेक्ट कार्य का हिस्सा है। इस कार्यशाला का समापन समारोह विभिन्न विद्यालयों में आयोजित होना है, जहां बच्चे अपने द्वारा तैयार किए गए नाटकों का मंचन करेंगे।

कामयाबी की एक नई कहानी

बाल नाट्य समारोह का आयोजन देहरादून के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में किया गया, जिसमें रेनेसां द्रोण सीनियर सेकेंडरी स्कूल, फिल्फोट पब्लिक स्कूल, सेंट पॉल हाई स्कूल और गुरुकुल कन्या महाविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित विद्यालय शामिल हैं।

नाटकों की विषय-वस्तु

रेनेसां द्रोण स्कूल के बच्चों ने नाटक "सात दिन का इंतजार" का मंचन किया, जिसमें एक सामाजिक मुद्दे को उजागर किया गया है - माता-पिता को बोझ समझने की सोच। वहीं, सेंट पॉल हाई स्कूल के बच्चों ने "अनपढ़ राजा" नाटक खेला, जिसमें प्रकृति के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया।

फिल्फोट पब्लिक स्कूल के छात्रों द्वारा "नई दिशा" नाटक का प्रदर्शन किया गया, जिसमें यह दिखाया गया कि किस तरह व्यक्ति अपनी खूबियों और कमियों के माध्यम से आत्मविश्वास प्राप्त कर सकता है।

रंगमंच का दीवानापन

इस कार्यशाला में प्रशिक्षकों के रूप में विभाग के छात्र-छात्राओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें राजेश भारद्वाज, सरिता जुयाल, ज्योत्सना इस्तवाल, भाविक पटेल और अन्य सदस्य शामिल रहे।

प्रमुख व्यक्तित्वों की उपस्थिति

दून विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने इस समारोह के दौरान कहा कि रंगमंच व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि यदि रंगमंच की गतिविधियाँ विद्यालय स्तर पर शुरू की जाएं तो विद्यार्थियों का मानसिक और सृजनात्मक विकास और भी मजबूत होगा।

प्रो. एस.सी. पुरोहित ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह अनुभव विद्यार्थियों के लिए भविष्य की पहली सीढ़ी साबित होगा।

सामाजिक सन्देश

बाल नाट्य समारोह में सम्मानित अतिथियों में दुर्गेश डिमरी, देवंडु रावत और डॉ. अजीत पंवार जैसे प्रमुख शामिल थे। इस नाट्य समारोह ने न केवल बच्चों को एक मंच प्रदान किया, बल्कि समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर भी प्रदान किया।

इस कार्यशाला से यह स्पष्ट होता है कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि यह शिक्षा और व्यक्तित्व विकास में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसके बाद, सभी विद्यालयों में नाटकों का मंचन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की सृजनात्मकता और आत्‍मविश्‍वास को और बढ़ावा मिलेगा।

इस सफल आयोजन के लिए शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा मिली है और यह भविष्य के कलाकारों के लिए उत्प्रेरक सिद्ध होगा। For more updates, visit Haqiqat Kya Hai

आपके विचारों का हम स्वागत करते हैं।

सादर,

टीम हकीकत क्या है, (साक्षी वर्मा)

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