ईरान युद्ध के दौरान भारत ने कैसे बचाई अपनी ऊर्जा सुरक्षा? पीएम मोदी ने साझा किया सरकार की रणनीति

4 July 2026. जयपुर/बालोतरा: राजस्थान में नई रिफाइनरी के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, वैश्विक ऊर्जा Continue Reading » The post ईरान युद्ध के दौरान कैसे बचा भारत? पीएम मोदी ने रैली में खोले सरकार की रणनीति के राज appeared first on Mirror Uttarakhand.

Jul 5, 2026 - 09:39
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ईरान युद्ध के दौरान भारत ने कैसे बचाई अपनी ऊर्जा सुरक्षा? पीएम मोदी ने साझा किया सरकार की रणनीति
ईरान युद्ध के दौरान भारत ने कैसे बचाई अपनी ऊर्जा सुरक्षा? पीएम मोदी ने साझा किया सरकार की रणनीति

ईरान युद्ध के दौरान भारत ने कैसे बचाई अपनी ऊर्जा सुरक्षा? पीएम मोदी ने साझा किया सरकार की रणनीति

कम शब्दों में कहें तो, भारत ने ईरान युद्ध के दौरान अपने नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सार्थक उपाय किए। पीएम मोदी ने राजस्थान में नई रिफाइनरी के उद्घाटन के अवसर पर बड़ी जानकारी साझा की। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Haqiqat Kya Hai

4 जुलाई 2026. जयपुर/बालोतरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के बालोतरा में आयोजित एक विशाल जनसभा में ईरान युद्ध के प्रभावों और सरकार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार पश्चिम एशिया में चल रहे संकट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया था, लेकिन भारत ने समय पर सही निर्णय लेकर अपने नागरिकों को इससे बचाया।

किस तरीक़े से भारत ने स्थिति का आकलन किया

पीएम मोदी ने बताया कि वर्तमान में कई विकसित देशों को ईंधन संकट का सामना करना पड़ रहा है, जबकि भारत ने संसाधनों का प्रभावी उपयोग करके इस अवसर को चुनौती में बदल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुपचाप दिन-रात मेहनत की, और अफवाहें फैलाने वालों को नजरअंदाज किया।

रिफाइनरी और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार

प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि युद्ध से पहले भारत अपनी कुल एलपीजी आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता था, जिसमें से 90 प्रतिशत खाड़ी देशों से आता था। जब युद्ध के चलते यह आपूर्ति प्रभावित हुई, तब सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिफाइनरियों की व्यवस्था में बदलाव किया। उन्होंने बताया कि सात दिनों के अंदर देश का एलपीजी उत्पादन 35 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 54 हजार मीट्रिक टन किया गया।

मिश्रित गैस कनेक्शन और संकट प्रबंधन

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया गया और 11 लाख घरों को कनेक्शन प्रदान किए गए, जिससे एलपीजी सिलेंडरों पर दबाव कम हो सका। यह योजना एलपीजी पर निर्भरता को कम करने में सहायक सिद्ध हुई।

संबंधित कीमतों पर नियंत्रण

पीएम मोदी ने बताया कि विशेषज्ञों का मानना था कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 2,000 रुपये तक जा सकती हैं, लेकिन सरकार ने इसे 950 रुपये से नीचे रखने का निर्णय लिया। इसके अलावा, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को भी लाभ पहुंचाने के लिए सिलेंडर की कीमत 650 रुपये से कम रखी गई।

पेट्रोल-डीजल में राहत के कदम

उन्होंने बताया कि युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की किल्लत नहीं हुई। अप्रैल से जून के बीच सरकार ने 75 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ उठाया और एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटाई।

विदेश नीति का प्रभावी उपयोग

पीएम मोदी ने राष्ट्र के हित में अपनी विदेश नीति का प्रभावी उपयोग करते हुए तेल आयात करने वाले देशों की संख्या 25-26 से बढ़ाकर 40 से अधिक कर दी। यह दिखाता है कि भारत के लिए अपने नागरिकों का कल्याण सर्वोपरि है।

जिम्मेदार सरकारी कार्रवाई

युद्ध के दौरान रिफाइनरी परियोजना की प्रगति धीमी पड़ गई थी। पीएम मोदी ने कहा कि इस परियोजना का एमओयू 2017 में हुआ था, लेकिन 2018 से 2023 में इसका काम रुका रहा। लेकिन, वर्तमान सरकार ने इस दिशा में तेजी से कदम उठाए।

भारत की रिफाइनिंग क्षमता

प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता वाला देश बन चुका है। अमेरिका और यूरोप के विपरीत, भारत में रिफाइनरी की क्षमता लगातार बढ़ रही है।

किसानों की मदद

यूक्रेन युद्ध के चलते यूरिया की कीमतें भी बढ़ गई थीं, लेकिन सरकार ने किसानों को 300 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया उपलब्ध कराकर भारी सब्सिडी प्रदान की। इस प्रकार, उन्होंने विभिन्न उपायों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की।

MSME के लिए विशेष योजनाएं

सरकार ने Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) का विस्तार किया ताकि छोटे और मझोले उद्योगों को संकटकाल में मदद मिल सके। इस योजना के तहत विशेष रूप से 20 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण दिए जाएंगे।

जनता का समर्थन

संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने देशवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में जनता का विश्वास और एकता ने भारत को मजबूत बनाया है। उन्होंने अफवाहों से दूर रहने और देश के सामर्थ्य पर भरोसा करने की अपील की।

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