देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण अब अंतिम चरण में - मुख्यमंत्री

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Sep 11, 2026 - 00:39
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देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण अब अंतिम चरण में - मुख्यमंत्री
देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण अब अंतिम चरण में - मुख्यमंत्री

देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण अब अंतिम चरण में - मुख्यमंत्री

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण अब लगभग पूर्ण हो चुका है। यह सैन्य धाम उत्तराखंड के वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बनने जा रहा है।

हल्द्वानी में हाल ही में आयोजित 'गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह' में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सैनिक कभी पूर्व नहीं होते हैं। उनकी जीवनभर की सेवा और त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि "सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है।" उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि सैनिक के परिवार का संघर्ष और त्याग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड को वीरों की भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ के सैनिकों ने देश की रक्षा में अनगिनत योगदान दिया है।

सैन्य धाम का उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि गुनियाल गांव में बनने वाला यह भव्य सैन्य धाम उत्तराखंड के वीर सैनिकों के शौर्य, बलिदान और त्याग का प्रतीक होगा। यह केवल एक स्मारक नहीं होगा, बल्कि भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देने का कार्य करेगा।

सरकारी प्रयासों का महत्व

देहरादून में सेना के कल्याण के लिए चलाए जा रहे विभिन्न सरकारी प्रयासों का उल्लेख करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सैनिकों के परिवारों को अनुग्रह राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि इस राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है, और इसके साथ ही परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली अनुदान राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है।

राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ बनाई हैं। इसमें अचल संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में छूट देने का प्रावधान भी शामिल है, जिससे 25 लाख रुपये तक की संपत्ति पर 25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की रक्षा शक्ति में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और अब रक्षा उत्पादों का निर्यात भी कर रहा है। यह साफ दर्शाता है कि भारत अपनी सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में सक्षम है।

सैनिकों का सम्मान और कल्याण

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी इस मौके पर राज्य के वीर सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और कहा कि "यहाँ के सैनिकों ने देश की सुरक्षा में अतुलनीय योगदान दिया है।" उन्होंने राज्य सरकार के उठाए गए कदमों की सराहना की और कहा कि यह सभी प्रयास भावी पीढ़ियों को भी प्रेरित करेंगे।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उन परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और युद्ध veterans के बेटे-बेटियों को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है।

इस समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। जनप्रतिनिधियों और पूर्व सैनिकों की इस सभा में, सभी ने सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

यह सैन्य धाम केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि भारत के सैनिकों और शहीदों को एक नया जीवन देने वाला प्रतीक बनेगा।

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इस खबर को Haqiqat Kya Hai के द्वारा लिखा गया है।

संपादक: राधिका शर्मा, टीम Haqiqat Kya Hai

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