ग्राम पंचायत दियूरी तल्ली ने किया ऐतिहासिक निर्णय, बनी नशा मुक्त
The post …एक और ग्राम पंचायत बनी नशा मुक्त appeared first on Avikal Uttarakhand. अविकल उत्तराखंड नई टिहरी/चंबा। टिहरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत दियूरी तल्ली ने सामाजिक जागरूकता एवं नशामुक्त समाज की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए स्वयं को “नशा मुक्त ग्राम… The post …एक और ग्राम पंचायत बनी नशा मुक्त appeared first on Avikal Uttarakhand.
ग्राम पंचायत दियूरी तल्ली ने किया ऐतिहासिक निर्णय, बनी नशा मुक्त
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कम शब्दों में कहें तो, ग्राम पंचायत दियूरी तल्ली ने नशामुक्त सामाजिक वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए खुद को "नशा मुक्त ग्राम पंचायत" घोषित किया है।
नई टिहरी/चंबा: टिहरी विधानसभा क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत दियूरी तल्ली ने सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्त समाज की दिशा में एक ऐतिहासिक कार्यवाही की है। ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गांव को "नशा मुक्त" घोषित किया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य गांव में सामाजिक संस्कार और अनुशासन स्थापित करना है, ताकि नशे के दुष्प्रभावों से युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखा जा सके।
बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
इस बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान सरलादेवी ने की, जिसमें विवाह समारोहों, सामाजिक आयोजनों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में शराब का पूर्ण बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इस प्रस्ताव के तहत गांव में किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में शराब परोसना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
सामाजिक संहिताएं और नियम
बैठक में यह भी तय किया गया कि बिना अनुमति के बाहरी व्यक्तियों के गांव में आने पर रोक लगाई जाएगी। विवाह समारोहों को रात्रि 12 बजे तक सीमित रखने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सामाजिक बहिष्कार और आर्थिक दंड लगाए जाने का प्रावधान रखा गया।
ग्राम समाज सुधार समिति का गठन
ग्राम सभा में "ग्राम समाज सुधार समिति" का गठन भी किया गया है, जिसका उद्देश्य गांव में सामाजिक जागरूकता बनाए रखना है। समिति में ऊषादेवी को अध्यक्ष, रीना देवी को उपाध्यक्ष, नीतू बाला को सचिव और गौरव सकलानी को सह सचिव बनाया गया है।
समुदाय के प्रयास और जुड़ाव
सरलादेवी ने कहा कि गांव की युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि "शराब नहीं संस्कार" जैसी सामाजिक मुहिम समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
प्रेरणादायक पहल
इस पहल के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने कहा कि ग्राम पंचायतों द्वारा नशामुक्ति के लिए उठाए गए कदम उत्तराखण्ड में सामाजिक जागरण का प्रतीक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पहल अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। ग्राम समाज सुधार समिति की अध्यक्ष ऊषादेवी ने भी कहा कि समिति गांव में सामाजिक एकता, संस्कार और नशामुक्त वातावरण को मजबूत करने के लिए तत्पर रहेगी।
इस अवसर पर "शराब नहीं संस्कार" अभियान की टीम के सदस्य जगदीश बडोनी और लक्ष्मी भी उपस्थित थे।
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इस खबर का स्रोत [अविकल उत्तराखंड](https://avikaluttarakhand.com) है।
टीम हक़ीक़त क्या है - साक्षी कुमारी
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