कांग्रेस के सीएम आवास घेराव से पहले भाजपा ने बना लिया नया समीकरण

The post कांग्रेस के सीएम आवास घेराव से ठीक पहले भाजपा ने चला दांव appeared first on Avikal Uttarakhand. राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग में भगवत प्रसाद मकवाना बने अध्यक्ष कांग्रेस के प्रदर्शन से ठीक पूर्व भाजपा नेउत्तराखण्ड को दी तवज्जो सुषमा गौड़ियाल समेत पांच की नियुक्ति केंद्र सरकार ने… The post कांग्रेस के सीएम आवास घेराव से ठीक पहले भाजपा ने चला दांव appeared first on Avikal Uttarakhand.

Sep 7, 2026 - 00:39
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कांग्रेस के सीएम आवास घेराव से पहले भाजपा ने बना लिया नया समीकरण
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कांग्रेस के सीएम आवास घेराव से पहले भाजपा ने बना लिया नया समीकरण

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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस के प्रदर्शन से पहले भाजपा ने उत्तराखंड के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव किया है। भाजपा ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी, जिससे राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं।

नई दिल्ली: उत्तराखंड में राजनीति के भूचाल आ चुके हैं। कांग्रेस द्वारा 7 सितंबर को planned प्रदर्शन से ठीक पहले भाजपा ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) में भगवत प्रसाद मकवाना को अध्यक्ष नियुक्त कर अपने राजनीतिक स्टैंड को मजबूत किया है। ये नियुक्तियां कांग्रेस के प्रदर्शन से पहले भाजपा की एक चतुराई से भरी रणनीति मानी जा रही हैं।

भाजपा की नई रणनीति

कैबिनेट सचिवालय द्वारा 6 सितंबर 2026 को जारी गोपनीय पत्र में कहा गया है कि नई नियुक्तियाँ 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेंगी। इस पत्र के अनुसार, भगवत प्रसाद मकवाना को आयोग का अध्यक्ष और केशब बिहारी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा मनोज कुमार बाल्मीकि, सुषमा गौड़ियाल और रवि रामू कालोसे को सदस्य के रूप में जोड़ा गया है। यह नियुक्तियाँ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री की मंजूरी के बाद की गई हैं।

कांग्रेस का प्रदर्शन और भाजपा का डैमेज कंट्रोल

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह नियुक्तियाँ भाजपा की घबराहट का परिणाम हैं, जो आगामी प्रदर्शन से डरती है। कांग्रेस 7 सितंबर को सीएम आवास की तरफ कूच करने जा रही है, और भाजपा ने इससे पहले अपने रणनीतिक हलचलें की हैं। भाजपा ने माहौल को थोड़ा संतुलित करने के लिए स्थानीय नेताओं को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाने का निर्णय लिया है। उन्होंने सीएम आवास के घेराव के खिलाफ अपने वोट बैंक को मजबूत करने का कदम उठाया है।

राहुल गांधी के खिलाफ एससी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा के बाद से कांग्रेस के नेता आक्रामक मूड में हैं। इसके जवाब में, उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी कर्नाटक में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसी वजह से राजनीतिक स्थिति में और भी तनाव बढ़ गया है।

क्या बदलने जा रहा है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 7 सितंबर के प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड की राजनीति में नई करवट देखने को मिल सकती है। भाजपा के द्वारा इस समय की गई नियुक्तियाँ निश्चित रूप से कांग्रेस के प्रदर्शन की ताकत को कम करने के प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही हैं।

भाजपा के इस कदम से यह स्पष्ट हो रहा है कि वे अपनी स्थिति को मज़बूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अपनी रणनीति को किस प्रकार आगे बढ़ाती है और क्या वे भाजपा की चालों का सामना कर पाएंगे।

इस राजनीतिक उठापटक के बीच, देखना होगा कि उत्तराखंड के लोग किस पार्टी को समर्थन देते हैं। यह न केवल राज्य की राजनीति, बल्कि पूरे देश की चुनावी राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है।

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Team Haqiqat Kya Hai, लेखिका: सान्या शर्मा

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