उत्तराखंड: लोक भवन में आयोजित 'एकीकृत चिकित्सा संगोष्ठी' ने चिकित्सा पद्धतियों में समन्वय को बढ़ावा दिया

लोक भवन में बुधवार को हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय,द्वारा ‘‘एकीकृत चिकित्सा संगोष्ठी’’आयोजित की गई। इस संगोष्ठी में देश-विदेश के चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में महर्षि इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी,अमेरिका के प्रो.एवं चेयर,डिपार्टमेंट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन डॉ.चार्ल्स एल्डर और अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन […] The post  Uttarakhand:-लोक भवन में हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय,द्वारा ‘एकीकृत चिकित्सा संगोष्ठी’ का आयोजन appeared first on संवाद जान्हवी.

Sep 3, 2026 - 09:39
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उत्तराखंड: लोक भवन में आयोजित 'एकीकृत चिकित्सा संगोष्ठी' ने चिकित्सा पद्धतियों में समन्वय को बढ़ावा दिया
उत्तराखंड: लोक भवन में आयोजित 'एकीकृत चिकित्सा संगोष्ठी' ने चिकित्सा पद्धतियों में समन्वय को बढ़ावा दिया

उत्तराखंड: लोक भवन में आयोजित 'एकीकृत चिकित्सा संगोष्ठी' ने चिकित्सा पद्धतियों में समन्वय को बढ़ावा दिया

कम शब्दों में कहें तो, हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय द्वारा लोक भवन में आयोजित 'एकीकृत चिकित्सा संगोष्ठी' में चिकित्सा क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञों ने भाग लिया और चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय पर चर्चा की।
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संगोष्ठी में भागीदार विशेषज्ञ

बुधवार को लोक भवन में हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 'एकीकृत चिकित्सा संगोष्ठी' में देश-विदेश के चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस अवसर पर महर्षि इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, अमेरिका के प्रोफेसर और चेयर, डिपार्टमेंट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन डॉ. चार्ल्स एल्डर और अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन के डॉ. अमित शाह ने भी अपने विचार साझा किए।

  • लोक भवन में आयोजित हुई एकीकृत चिकित्सा संगोष्ठी।
  • चिकित्सा की विभिन्न पद्धतियों के समन्वय पर जोर।
  • एकीकृत चिकित्सा से रोगी और मानवता को बेहतर स्वास्थ्य देने का लक्ष्य:- राज्यपाल।

पैनल चर्चा और सहयोग के एमओयू

इस आयोजन के दौरान, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, पद्मश्री डॉ. एस.सी. मनचंदा, पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय, नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन की चेयरपर्सन डॉ. मनीषा कोठेकर तथा एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.(डॉ.) भानु दुग्गल ने 'इंटीग्रेटिव मेडिसिन' विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर आयुष, आईसीएमआर-निराध और हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू भी हुआ।

इस एमओयू का उद्देश्य आयुष को आधुनिक चिकित्सा एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों से जोड़ना, डिजिटल स्वास्थ्य में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। राज्यपाल ने कहा कि एकीकृत चिकित्सा का मतलब प्रतिस्पर्धा नहीं है, बल्कि सभी चिकित्सा प्रणालियों का संगठित उपयोग है जिससे रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त हो सके।

राज्यपाल और स्वास्थ्य मंत्री की टिप्पणियाँ

कार्यक्रम के दौरान, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने संवाद दिया कि आज का आयोजन केवल एक संगोष्ठी के रूप में नहीं है, बल्कि यह चिकित्सा के विभिन्न दृष्टिकोणों को एक साझा मंच पर लाने का एक प्रयास है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संगोष्ठी का दूरगामी प्रभाव होगा और इसका लाभ केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता को मिलेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जादव ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक विज्ञान के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए नवाचार, नई तकनीक, टेलीमेडिसिन और मोबाइल आयुष इकाइयों का व्यापक उपयोग होना चाहिए।

कुलपति और अन्य उपस्थित सदस्य

इस कार्यक्रम में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल, योग गुरु स्वामी रामदेव, विधायक दुर्गेश्वर लाल तथा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने चिकित्सा पारिस्थितिकी में सहयोगात्मक दृष्टिकोण को पेश किया, जो भविष्य में चिकित्सा सुधार का आधार बनेगा।

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— Team Haqiqat Kya Hai

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