उत्तराखंड में SIR प्रक्रिया का समापन, 8 लाख से ज्यादा वोटर्स कम, कुल 71 लाख 33 हजार मतदाता
DEHRADUN: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का […] The post उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया पूरी, कम हो गए 8 लाख से ज्यादा वोटर्स, कुल 71 लाख 33 हजार मतदाता appeared first on Devbhoomi Dialogue.
उत्तराखंड में SIR प्रक्रिया का समापन, वोटर्स की संख्या में कमी
DEHRADUN: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखंड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपन्न हुआ। यह अभियान 8 जून 2026 से प्रारंभ हुआ और इसके परिणामस्वरूप 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद, शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया है।
मतदाता सूची में हुई महत्वपूर्ण कमी
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत पर, 8 जून 2026 को प्रदेश में 79 लाख 60 हजार 762 मतदाता थे। ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद, अब कुल 71 लाख 33 हजार 785 मतदाता सूची में शामिल हैं। इस प्रक्रिया में 8 लाख 26 हजार 977 वोटर्स को एब्सेंट/शिफ्टेड/डेथ/डुप्लीकेट वोटर्स के रूप में माना गया। इनमें से कुछ वोटर्स ने आपत्तियां और दावे दर्ज किए, जिसके चलते 25 हजार 164 मतदाताओं को अंतिम सूची में स्थान दिया गया।
ध्यान देने योग्य तथ्य
मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कुल 8 लाख 01 हजार 813 मतदाता कम हुए हैं। आयोग द्वारा निर्धारित समय के अनुसार, 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया। उसके पश्चात, 13 अगस्त से 28 सितंबर 2026 तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया गया। अंतिम मतदाता सूची में अब 71 लाख 58 हजार 949 मतदाता सम्मिलित हैं। वर्तमान में राज्य में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12,543 है।
आधिकारिक विवरण
अंतिम मतदाता सूची में 71,58,949 मतदाताओं में से 34,21,036 महिलाएं, 37,37,701 पुरुष और 212 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। 18-19 आयुवर्ग के मतदाताओं की संख्या 72,656 है, जबकि 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 1,22,892 है। इस पुनरीक्षण अभियान में कुल 1,29,872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं, जबकि 1,04,708 मतदाताओं को नियमों के अनुसार सूची से हटा दिया गया है।
भविष्य की योजनाएं
मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद, भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in पर जाकर सूची देखी जा सकती है। इसके साथ ही, डीईओ, ईआरओ कार्यालय एवं बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है।
जो लोग किसी कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं, वे सभी फार्म-6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए विशेष कैंप लगाए जाने की योजना बनाई गई है, और बीएलओ से घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करने का निर्देश दिया गया है।
बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका
1. बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची के साथ मिलान करेंगे।
2. बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी लेंगे।
3. इस प्रक्रिया के दौरान, बीएलओ यह सुनिश्चित करेंगे कि नए मतदाता और युवा मतदाता फॉर्म 6 भर सकें।
4. इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा किया जाएगा।
5. अंत में, चुनाव आयोग बूथवार सूची राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेगा।
6. मतदाता सूची में शामिल करवाने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे, ताकि नाइट शेल्टर और लेबर कॉलोनी के लोगों के नाम भी जोड़े जा सकें।
कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद 8 लाख से अधिक वोटर्स में कमी आई है, जिसमें अब कुल 71 लाख 33 हजार मतदाता रह गए हैं। इससे निर्वाचन प्रणाली में पारदर्शिता में वृद्धि होगी।
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