सैन्य नर्सिंग सेवा का 101वां स्थापना दिवस: एक गौरवमयी यात्रा
Dehradun: सैन्य अस्पताल, देहरादून में सैन्य नर्सिंग सेवा (एमएनएस) का 101वां स्थापना दिवस 01 अक्टूबर 2026 को समारोहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर सैन्य नर्सिंग सेवा की एक सदी से अधिक लंबी गौरवशाली सेवा यात्रा, व्यावसायिक उत्कृष्टता तथा सशस्त्र बलों के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को प्रदान की जा रही संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण […] The post सैन्य नर्सिंग सेवा ने मनाया 101वां स्थापना दिवस appeared first on Devbhoomi Dialogue.
सैन्य नर्सिंग सेवा का 101वां स्थापना दिवस: एक गौरवमयी यात्रा
Dehradun: सैन्य अस्पताल, देहरादून में सैन्य नर्सिंग सेवा (एमएनएस) का 101वां स्थापना दिवस 01 अक्टूबर 2026 को समारोहपूर्वक मनाया गया। इस प्रतिबंधित समारोह में नर्सिंग सेवा की एक सदी से अधिक लंबी गौरवशाली यात्रा, व्यावसायिक उत्कृष्टता एवं सशस्त्र बलों के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को प्रदान की जा रही संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति नर्सिंग अधिकारियों के योगदान की सराहना की गई।
कम शब्दों में कहें तो, यह विशेष कार्यक्रम सैन्य नर्सिंग सेवा की ऐतिहासिक उपलब्धियों को संजोने और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का एक प्रयास था।
स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत 28 सितंबर 2026 को राफेल सेंटर के दौरे से हुई, जहां सैन्य नर्सिंग सेवा के अधिकारियों ने चिकित्सकीय देखभाल प्राप्त कर रहे बच्चों के साथ समय बिताया। इसके बाद 29 सितंबर को पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया, जिसने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
मुख्य समारोह 01 अक्टूबर 2026 को नर्सिंग अधिकारियों के मेस में आयोजित किया गया। इस दौरान सेवाओं की उपलब्धियों, योगदान एवं गौरवशाली विरासत को याद करते हुए केक काटने का समारोह संपन्न हुआ।
उपाकर मुख्य अतिथि मेजर जनरल रेचल थॉमस ने इस आयोजन पर नर्सिंग सेवा के सभी अधिकारियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि नर्सिंग अधिकारी विभिन्न सैन्य अस्पतालों, प्रशिक्षण संस्थानों एवं क्षेत्रीय चिकित्सा प्रतिष्ठानों में मरीजों की देखभाल, प्रशिक्षण और शोध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अपने संदेश में मेजर जनरल रेचल थॉमस ने कहा, “101वां स्थापना दिवस सिर्फ एक मौके का प्रतीक नहीं बल्कि करुणा, साहस, दक्षता और प्रतिबद्धता की सदी पुरानी परंपरा का जश्न है। हमें स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे बदलावों के साथ नवीनतम तकनीकों को अपनाने की उम्मीद है, लेकिन मरीजों की देखभाल में मानवीय संवेदनाएं हमेशा मुख्य रूप से रहनी चाहिए।”
उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेख, टेलीमेडिसिन, प्रशिक्षण के लिए कृत्रिम परिस्थितियों और डेटा-संचालित निर्णय लेने जैसे आधुनिक तकनीकी विकासों के महत्व पर जोर दिया। उनका मानना है कि टेक्नोलॉजी का उद्देश्य मानविकी संवेदना को कम करना नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
उत्तराखंड सब एरिया के उपमहानिदेशक ब्रिगेडियर आर.एस. थापा ने भी सभी अधिकारियों को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने नर्सिंग अधिकारियों के योगदान को सराहा, जो जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए सक्षम और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
इस 101वें स्थापना दिवस समारोह ने सैन्य नर्सिंग सेवा के मूल्यों—सेवा, करुणा, साहस, प्रतिबद्धता और व्यावसायिकता—की न केवल पुष्टि की, बल्कि पूर्व पीढ़ियों के योगदान की स्मृति भी ताजा की। मौजूदा और भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करने का यह अवसर सैन्य स्वास्थ्य सेवाओं में मानवीय संवेदनाओं और नवाचारों के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
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— Team Haqiqat Kya Hai, शिल्पा शर्मा
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