सहसपुर शिविर में महिलाओं को मिली रोजगार की नई राह: सिलाई मशीन से शुरू हुआ स्वरोजगार
संवादसूत्र देहरादून: सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसमस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। शिविर में स्थानीय निवासी श्रीमती बबली गुप्ता ने जूट बैग बनाकर स्वरोजगार शुरू करने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने का अनुरोध […]
सहसपुर शिविर में महिलाओं को मिली रोजगार की नई राह: सिलाई मशीन से शुरू हुआ स्वरोजगार
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कम शब्दों में कहें तो, सहसपुर में आयोजित एक बहुउद्देशीय शिविर में, महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सिलाई मशीन मिल गई है, जो उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकेत है।
संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड के सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर का उद्देश्य सरकारी योजनाओं को जनता के द्वार तक सीधे पहुंचाना है। इस शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित जनसमस्याओं को सुनते हुए अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
स्वरोजगार की दिशा में एक कदम
शिविर के दौरान, स्थानीय निवासी श्रीमती बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री के समक्ष एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वे जूट बैग बना रही हैं और इसके लिए उन्हें एक सिलाई मशीन की आवश्यकता है, जिससे वे अपने स्वरोजगार को और अधिक मजबूती प्रदान कर सकें। उनकी पूरी बात सुनने के बाद, मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उचित कदम उठाए जाएं।
सिलाई मशीन का वितरण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए निर्देशों के पश्चात, अपर सचिव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुनिश्चित किया कि श्रीमती बबली गुप्ता को उसी दिन शाम तक सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जाए। इस प्रकार, एक ही दिन में उनकी समस्या का समाधान होते देखना हैरतअंगेज था।
महिलाओं के लिए एक नई शुरुआत
इस घटना ने न केवल श्रीमती गुप्ता बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का काम किया है। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह के आयोजनों का महत्व और बढ़ जाता है। ऐसे शिविरों की मदद से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं बल्कि अपने परिवार का भी सहयोग कर सकती हैं।
समाज में बदलाव की आवश्यकता
आधुनिक युग में, स्वावलंबन की दिशा में कदम उठाने वाली महिलाओं का यह कदम सराहनीय है। ऐसे शिविरों के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यह न केवल स्वरोजगार उत्पन्न करेगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा।
अंत में, यह कहना उचित होगा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल महिलाओं के जीवन में बदलाव लाते हैं, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस प्रकार, सहसपुर का यह शिविर एक उदाहरण बन गया है कि किस प्रकार सरकार की पहलें और स्थानीय निवासियों की समस्याओं को सुनकर त्वरित समाधान मिल सकता है।
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टीम हकीकत क्या है - प्रियंका शर्मा
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