भारतीय सेना और CIMS & UIHMT का ऐतिहासिक करार, शहीदों के परिवार के बच्चों के लिए 100% फीस माफी

DEHRADUN:  देश के रक्षकों के बच्चों को उच्च शिक्षा में रियायती दरों पर बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए 300 बच्चों को निशुल्क शिक्षा का मिशन चलाने वाले ललित जोशी ने अनोखी पहल की है। भारतीय सेना और देहरादून स्थित UIHMT और CIMS कॉलेज के बीच एक एमओयू साइन किया गया है जिसके तहत इन […] The post भारतीय सेना और CIMS & UIHMT के बीच करार, उच्च शिक्षा में  शहीदों के आश्रितों की 100% फीस माफ,सेवारत सैनिकों के बच्चों को मिलेगी 40% छूट appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Sep 3, 2026 - 18:39
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भारतीय सेना और CIMS & UIHMT का ऐतिहासिक करार, शहीदों के परिवार के बच्चों के लिए 100% फीस माफी
भारतीय सेना और CIMS & UIHMT का ऐतिहासिक करार, शहीदों के परिवार के बच्चों के लिए 100% फीस माफी

भारतीय सेना और CIMS & UIHMT का ऐतिहासिक करार, शहीदों के परिवार के बच्चों के लिए 100% फीस माफी

DEHRADUN: देश के वीर रक्षकों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा में विशेष सहूलियतें प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ललित जोशी, जिन्होंने 300 बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का मिशन शुरू किया है, ने भारतीय सेना और देहरादून स्थित यूआईएचएमटी और सीआईएमएस कॉलेज के बीच एक अनोखा समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया है। इस समझौते के तहत वीर नारियों तथा शहीदों के आश्रितों की 100% ट्यूशन फीस माफ की जाएगी, जबकि सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को फीस में 40% तक छूट मिलेगी। अग्निवीर और उनके आश्रित भी इस योजना के तहत लाभ उठा सकेंगे।

इस शैक्षणिक सहयोग को लेकर नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है जिससे सैन्य परिवारों की अगली पीढ़ी की उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने का उद्देश्य है। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य आर्थिक कारणों से छात्रों की पढ़ाई पर आ रही बाधाओं को खत्म करना है।

उच्च शिक्षा में विशेष रियायतें

MoU के तहत, देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के आश्रितों और वीर नारियों के बच्चों को 100% ट्यूशन फीस माफ की जाएगी। सेवारत और सेवानिवृत्त भारतीय सेना के पात्र सैन्य कर्मियों के बच्चों को उच्च शिक्षा में 40% तक फीस की छूट भी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य सैन्य परिवारों के उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित होने से रोकना है, जो आर्थिक परिस्थितियों के कारण आगे बढ़ने से चूक जाते हैं।

सामाजिक जिम्मेदारी का एक उदाहरण

यह पहल न केवल बलिदानी सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करती है, बल्कि समाज की जिम्मेदारी महसूस करवाती है। यह सुविधा सैन्य परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा में आगे बढ़ने का एक अनमोल अवसर प्रदान करेगी, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकें।

कौन से पाठ्यक्रमों में मिलेगा लाभ?

CIMS और UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में चिकित्सा, नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मेसी, प्रबंधन, कंप्यूटर साइंस, होटल मैनेजमेंट और लॉ सहित विभिन्न उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस MoU के माध्यम से पात्र सैन्य आश्रित विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विशेष आर्थिक और शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

ललित जोशी का दृष्टिकोण

सीआईएमएस-यूआईएचएमटी ग्रुप आफ कॉलेजेज के चेयरमैन ललित मोहन जोशी ने कहा, "सैनिकों का जीवन देश की सुरक्षा के लिए समर्पित होता है। उनके परिवारों का भविष्य और शिक्षा हमारे लिए प्राथमिकता होनी चाहिए। इस एक छोटी सी कोशिश के माध्यम से हम उनके प्रति अपने सम्मान को प्रदर्शित कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

कम शब्दों में कहें तो, भारतीय सेना और कॉलेजों के बीच यह समझौता न केवल सैन्य परिवारों के लिए शिक्षा में सहायता करेगा, बल्कि यह दर्शाता है कि समाज अपने रक्षक परिवारों के प्रति कितना कृतज्ञता और सम्मान रखता है। उच्च शिक्षा में यह पहल निसंदेह सैनिकों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मददगार साबित होगी। अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

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Team Haqiqat Kya Hai
साक्षी वर्मा

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