बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का मामला: बीकेटीसी कर्मी निलंबित, उच्चस्तरीय समिति गठित
The post बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मसला- बीकेटीसी कर्मी को किया निलंबित appeared first on Avikal Uttarakhand. विपक्ष का भारी विरोध, बीकेटीसी ने उठाया कदम व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल तत्काल प्रभाव से निलंबित निष्पक्ष जांच के लिए शासन की उच्चस्तरीय समिति गठित अविकल उत्तराखण्ड जोशीमठ। बदरीनाथ धाम… The post बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मसला- बीकेटीसी कर्मी को किया निलंबित appeared first on Avikal Uttarakhand.
बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का मामला: बीकेटीसी कर्मी निलंबित, उच्चस्तरीय समिति गठित
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कम शब्दों में कहें तो, बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद, बीकेटीसी के एक कर्मी को निलंबित कर दिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
जोशीमठ से आ रही रिपोर्टों के अनुसार, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने इस मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। विपरीत प्रतिक्रियाओं के बीच, बीकेटीसी ने व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
चोरी का मामला और निलंबन की प्रक्रिया
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे के चोरी के इस मामले पर जांच समिति द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, प्रमोद नौटियाल पर पादीय दायित्वों का निर्वहन न करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसी सिलसिले में 03 जुलाई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया था। जांच के दौरान समिति ने पाया कि आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलंबन के दौरान क्या होगा?
बीकेटीसी ने स्पष्ट किया है कि प्रमोद नौटियाल को निलंबन अवधि में जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और उन्हें जांच प्रक्रिया में सहयोग देना आवश्यक होगा। इस दौरान उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्वेदी पर हमले किए हैं, और उनके इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई कार्रवाई का सिर्फ एक दिखावा है और असली जिम्मेदार व्यक्ति अभी भी बच रहे हैं।
उच्चस्तरीय समिति का गठन और जांच प्रक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर, मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति के अध्यक्ष गढ़वाल मंडल के आयुक्त होंगे। इसमें अन्य सदस्यों में संदीप तिवारी और जगत सिंह चौहान शामिल हैं।
समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें मंदिर में प्राप्त दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच शामिल होगी।
जांच के दौरान अपेक्षित सहयोग
समिति ने कहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो किसी भी अधिकारी या विशेषज्ञ का सहयोग लिया जा सकता है। इसके साथ ही, समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को पारदर्शी रखने के लिए भी सुझाव देगी।
इस समुचित कार्रवाई के माध्यम से, बीकेटीसी प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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