नारी शक्ति वंदन सम्मेलन: महिलाओं की भागीदारी से होगा राष्ट्र सशक्त, सीएम पुष्कर धामी का संदेश
संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही समाज और देश की प्रगति का आधार हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद द्वारा 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन […]
नारी शक्ति वंदन सम्मेलन: महिलाओं की भागीदारी से होगा राष्ट्र सशक्त, सीएम पुष्कर धामी का संदेश
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में महिलाओं के महत्व को रेखांकित किया।
संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही समाज और देश की प्रगति का आधार हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की दिशा में एक युगांतकारी कदम है।
महिलाओं का सरोकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं केवल परिवार की धुरी नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब महिलाएं सशक्त होंगी, तब ही राष्ट्र सशक्त होगा। यह अधिनियम नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा, "महिलाओं का समाज में उचित स्थान होना चाहिए, और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना जरूरी है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य यही है कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग और सशक्त बनें।"
महिलाओं की शक्ति को पहचानना
सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपने अनुभव साझा किए। कई महिलाओं ने यह बताया कि किस तरह उन्होंने चुनौतियों का सामना करते हुए सफलता प्राप्त की है। इस प्रकार की कहानियों ने उपस्थित श्रोताओं को प्रेरित किया और यह संदेश दिया कि महिला सशक्तिकरण केवल एक साक्षात्कार नहीं, बल्कि एक आंदोलन है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अब समय आ गया है कि हमें महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सभी समाज के लोगों से अपील की कि वे महिला अधिकारों का समर्थन करें और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करें।
इस सम्मेलन का आयोजन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है जो महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के सम्मेलन आगे भी आयोजित किए जाएंगे ताकि महिलाएं अपने अधिकारों को पहचान सकें और सशक्त बन सकें।
अंत में, उन्होंने कहा, "हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम महिलाओं को उनकी पहचान और सम्मान का अहसास कराएं।" यह संदेश वास्तव में हमारे समाज के लिए प्रेरणादायक है।
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सादर, टीम हकikat क्या है - अनामिका रावत
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