देहरादून में नंदा की चौकी एप्रोच रोड धंसने पर पीडब्ल्यूडी की सख्त कार्रवाई, अधिशासी अभियंता निलंबित

DEHRADUN: देहरादून में नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) राजेश कुमार को सस्पेंड किया गया है। जांच में सामने आया है कि एप्रोच रोड की डिजाइन में लापरवाही बरती थी। बता दें कि […] The post नंदा की चौकी एप्रोच रोड धंसने का मामला, PWD का एक्शन, अधिशाषी अभियंता निलंबित appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Aug 8, 2026 - 00:39
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देहरादून में नंदा की चौकी एप्रोच रोड धंसने पर पीडब्ल्यूडी की सख्त कार्रवाई, अधिशासी अभियंता निलंबित
देहरादून में नंदा की चौकी एप्रोच रोड धंसने पर पीडब्ल्यूडी की सख्त कार्रवाई, अधिशासी अभियंता निलंबित

नंदा की चौकी एप्रोच रोड धंसने का मामला: पीडब्ल्यूडी द्वारा सख्त कार्रवाई

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड धंसने की घटना में अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई एप्रोच रोड की असामान्य स्थिति और डिजाइन में लापरवाही के चलते की गई है।

DEHRADUN: देहरादून में टौंस नदी पर बने 16 करोड़ रुपये की लागत वाले नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड, 28 जुलाई 2026 को भारी बारिश के कारण अचानक धंस गई थी। इस घटना का विशेष रूप से प्रभावी विश्लेषण करने पर घातक लापरवाही का खुलासा हुआ। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि डिजाइन कंसल्टेंट और तकनीकी स्तर पर कई कमियों को नजरअंदाज किया गया था।

इस घटना के बाद राजनीतिक दलों और स्थानीय जनता ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई थी। लोकनिर्माण विभाग ने अपनी जांच में पाया कि डिजाइन कंसल्टेंसी द्वारा रिवर डायवर्जन कार्य पूरा नहीं किया गया था।

जांच में पाई गई कमियां

आवश्यकता के अनुसार, नदी के किनारे से क्रॉस स्लोप बनाने के मानकों में भी पर्याप्त खामियां पाई गई थीं। यह स्थिति ऐसी बनी कि नदी का प्रवाह एक ही स्पान की तरफ केंद्रित हो गया, जिससे एप्रोच रोड पर बड़ा गड्ढा बन गया। इसके चलते पीडब्ल्यूडी ने प्रांतीय खंड देहरादून के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

प्रभाव और आगे की कार्रवाई

इस मामले ने फिर से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और नंदा की चौकी पुल जैसे महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं के लिए सुरक्षा मानकों की आवश्यकता पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

महत्वपूर्ण रूप से, इस घटना ने यह भी दिखाया है कि कैसे सरकारी विभागों में लापरवाही सीधी जनता की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले में और क्या कदम उठाती है।

तेजी से आगे बढ़ते हुए, पीडब्ल्यूडी ने यह स्पष्ट किया है कि वे सभी लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। यह मामला उम्मीद करता है कि इससे अन्य संबंधित अधिकारियों में भी सतर्कता आएगी।

नंदा की चौकी एप्रोच रोड धंसने की घटना और उससे जुड़ी कार्रवाई से सरकार की निर्माण प्रबंधन पर ध्यान देने की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।

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ध्यान दें कि इस घटना ने हमारी जिम्मेदारी को भी याद दिलाया है कि हम अपनी अवसंरचना को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखें।

टीम हकीकत क्या है
श्रुति कुमारी

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