चमोली टनल हादसे में 9 श्रमिकों की मौत, 6 की तलाश जारी, CM धामी ने रेस्क्यू का लिया कमान
14 August 2026. Gopeshwar, Chamoli. उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। सुरंग Continue Reading » The post चमोली में टीएचडीसी टनल हादसा: 9 श्रमिकों की मौत, 6 की तलाश जारी, CM धामी ने संभाली रेस्क्यू की कमान appeared first on Mirror Uttarakhand.
चमोली टनल हादसे में 9 श्रमिकों की मौत, 6 की तलाश जारी, CM धामी ने रेस्क्यू का लिया कमान
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड के चमोली जिले में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ी दुर्घटना घटी है जिसमें 9 श्रमिकों की जान चली गई है और 6 अन्य श्रमिकों की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेस्क्यू ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभाली है।
14 अगस्त 2026 को, चमोली के गोपेश्वर में अलकनंदा नदी पर स्थित 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में शाम करीब 6:45 बजे हादसा हुआ। सुरंग में अचानक पानी भर जाने और भारी मलबा ढहने से 25 से अधिक श्रमिक फंस गए। ऐसे में अब तक 9 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 6 और श्रमिकों की तलाश की जा रही है।
राहत और बचाव अभियान की स्थिति
प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरंग में कुल 22 श्रमिक फंसे थे, जिनमें से 16 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां 10 घायल श्रमिकों का इलाज गोपेश्वर के जिला अस्पताल, एक का श्रीनगर और एक का पीपलकोटी में हो रहा है। एक घायल को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई है।
सीएम धामी का सक्रिय नेतृत्व
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य आपदा परिचालन केंद्र, देहरादून पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और राहत एवं बचाव अभियान की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे रेस्क्यू ऑपरेशन को युद्धस्तर पर चलाएं।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रेस्क्यू किए गए श्रमिकों से बातचीत की और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने श्रमिकों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उनके सलामती और उपचार के लिए हर संभव मदद करने के लिए तत्पर है।
व्यापक रेस्क्यू और चिकित्सा सुविधाओं का प्रावधान
इस आपदा में SDRF, NDRF, ITBP और सेना की टीमें भी शामिल हैं जो लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। घटनास्थल पर सभी आवश्यक संसाधन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने सभी एजेंसियों के अधिकारियों को हर संभव मदद प्रदान करने और सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित निकालने की प्राथमिकता दी।
गंभीर घायलों की चिकित्सा स्थिति
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यदि आवश्यकता पड़े तो गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्स या उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजा जाए। इस घटना में प्रभावित अधिकांश श्रमिक बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के निवासी हैं।
परियोजना की स्थिति
विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का कुल कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यह परियोजना टीएचडीसी-एनटीपीसी द्वारा संचालित है और यह उत्तराखंड में ऊर्जा उत्पादन के लिए एक प्रमुख स्रोत बन रही है।
मुख्य सचिव और अधिकारी भी नजर बनाए हुए हैं
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव विनोद कुमार सुमन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि जब तक सभी श्रमिक सुरक्षित नहीं निकल जाते, तब तक रेस्क्यू गतिविधियों को पूरी ताकत और समर्पण से आगे बढ़ाया जाएगा।
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यह घटना समाज के लिए एक अत्यंत दुखद स्थिति है और हमें इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। हम प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
सादर,
टीम हक़ीकत क्या है,
सीमा रानी
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