कुल्हान गांव में ‘एक गांव–एक घंटे’ कार्यक्रम: महिलाओं के मुद्दे पर सार्थक संवाद
The post ‘एक गांव–एक घंटा’ कार्यक्रम में महिलाओं के मुद्दे पर हुई बात appeared first on Avikal Uttarakhand. अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। “एक गांव, एक घंटा हर रविवार” कार्यक्रम के तहत कुल्हान गांव में महिलाओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से बातचीत कर… The post ‘एक गांव–एक घंटा’ कार्यक्रम में महिलाओं के मुद्दे पर हुई बात appeared first on Avikal Uttarakhand.
कुल्हान गांव में ‘एक गांव–एक घंटे’ कार्यक्रम: महिलाओं के मुद्दे पर सार्थक संवाद
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कम शब्दों में कहें तो, कुल्हान गांव में “एक गांव, एक घंटा हर रविवार” कार्यक्रम के तहत महिलाओं के मुद्दों पर संवाद किया गया। इस पहल से महिलाओं की समस्याओं को समझने और समाधान तलाशने के लिए एक मंच प्रस्तुत किया गया है।
देहरादून। “एक गांव, एक घंटा हर रविवार” कार्यक्रम के तहत कुल्हान गांव में महिलाओं के साथ संवाद आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं, आवश्यकताओं और स्थानीय मुद्दों को सुनना और उनके समाधान के लिए दिशा-निर्देशित करना था। कार्यक्रम में शामिल होने वाली महिलाएं अपने अनुभवों को साझा करने और अपनी आवश्यकताओं की चर्चा करने के लिए उत्सुक थीं।
जिला संयोजिका, नलिनी तनेजा ने कहा कि इस कार्यक्रम को हर हफ्ते बढ़ते समर्थन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यह पहल गांव-गांव जाकर आम जनता से संवाद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न केवल उनकी समस्याओं को समझा जा सकेगा बल्कि उन्हें उचित मंच पर लाया जा सकेगा।
महिलाओं की भागीदारी
कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई। नलिनी तनेजा ने बताया कि इस कार्यक्रम की सफलता में रेणु जैन, सिद्धार्थ शर्मा, अंकिता राणा, पार्वती, साहिल, मैथ्यूज, गणेश, रीता कुमारी, रीता देवी, रिंकी देवी, सुनीता, सुखशांति और कुसुम जैसे सभी सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
भविष्य की योजनाएँ
नलिनी तनेजा ने सभी सहयोगियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए यह बताया कि जनसंवाद की यह पहल आगे भी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने संकल्प लिया कि प्रत्येक रविवार वह विभिन्न गांवों में जाकर लोगों की समस्याओं को सुनने का प्रयास करेंगी।
इस कार्यक्रम का महत्व न केवल महिलाओं के मुद्दों को उजागर करना है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यह भी साबित होता है कि यदि संवाद का एक मंच दिया जाए तो महिलाएं अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सकती हैं।
कार्यक्रम के अंत में, स्थानीय महिलाओं ने नलिनी तनेजा को धन्यवाद दिया और उनके इस प्रयास की सराहना की। यह पहल निश्चित रूप से समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगी।
इस प्रकार, “एक गांव, एक घंटा हर रविवार” कार्यक्रम महिलाओं की आवाज को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।
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— Team Haqiqat Kya Hai, नेहा कुमारी
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