एक राष्ट्र-एक चुनाव: देश की जरूरत है - शिवराज चौहान
The post एक राष्ट्र-एक चुनाव देश की जरूरत -शिवराज चौहान appeared first on Avikal Uttarakhand. संत समाज से जनजागरण का आह्वान, मुख्यमंत्री धामी ने भी जताया समर्थन अविकल उत्तराखण्ड हरिद्वार। हरिद्वार के अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित संत समागम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह… The post एक राष्ट्र-एक चुनाव देश की जरूरत -शिवराज चौहान appeared first on Avikal Uttarakhand.
एक राष्ट्र-एक चुनाव: देश की जरूरत है - शिवराज चौहान
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Haqiqat Kya Hai
कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इस विषय को लेकर संत समाज से जन जागरूकता फैलाने की अपील भी की गई है।
हरिद्वार के अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित संत समागम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' का महत्व बताते हुए इसे देशहित में आवश्यक ठहराया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का विषय है, जहाँ देश का विकास प्राथमिकता होनी चाहिए।
संत समाज से सहयोग की अपील
चौहान ने संत समाज से आह्वान किया कि वे इस विचार को जन जागरूकता के माध्यम से लोगों तक पहुँचाएं ताकि अधिक से अधिक जनसमर्थन प्राप्त हो सके। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को जनसमर्थन हासिल करने के लिए संतो की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' के विचार का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड सरकार इस दिशा में सहयोग करेगी और जनसमर्थन बढ़ाने में सकारात्मक भूमिका निभाएगी।"
चुनाव प्रक्रिया पर चिंता
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास के कार्य में बाधा आती है। चुनावी प्रक्रिया में प्रशासन का एक बड़ा हिस्सा व्यस्त हो जाता है, जिससे जनसेवा को प्रभावित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते हैं, तो इससे संसाधनों की बचत होगी और विकास कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा।
वंदे मातरम का संदर्भ
शिवराज चौहान ने Vande Mataram के पूर्ण स्वरूप को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने इस पर जोर दिया कि ये देशभक्ति का प्रतीक है और राष्ट्र की एकता को सशक्त बनाना चाहिए। उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागरूक करें।
जन जागरूकता का महत्व
उन्होंने कहा कि संतों का समाज पर एक विशेष प्रभाव है और उनके माध्यम से 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' का संकल्प जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। इस हेतु संवैधानिक बदलाव के लिए व्यापक जनसमर्थन भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री धामी का भी कहना था कि संत समाज का व्यापक प्रभाव इस मुद्दे को जन-जन तक पहुँचाने में अहम हो सकता है। इससे न केवल चुनाव प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा, बल्कि यह विकास की गति को भी तेज कर सकेगा।
इस प्रकार, मंत्री शिवराज चौहान ने 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए इसे एक राष्ट्रहित का विषय बताया और संत समाज से सहयोग का आह्वान किया।
अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.
सादर, कविता शर्मा, Team Haqiqat Kya Hai
What's Your Reaction?