उमेश विधायक के फार्म हाउस में सामूहिक दुष्कर्म: चैंपियन की कड़ी प्रतिक्रिया
The post विधायक उमेश के फार्म हाउस गैंगरेप पर चैंपियन का वार appeared first on Avikal Uttarakhand. देखें वीडियो,सीएम योगी से सीबीआई जांच और सीडीआर खंगालने की मांग देवभूमि उत्तराखंड को शर्मसार किया-चैंपियन उत्तराखण्ड भाजपा व कांग्रेस मौन अविकल उत्तराखंड देहरादून । उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक उमेश… The post विधायक उमेश के फार्म हाउस गैंगरेप पर चैंपियन का वार appeared first on Avikal Uttarakhand.
उमेश विधायक के फार्म हाउस में सामूहिक दुष्कर्म: चैंपियन की कड़ी प्रतिक्रिया
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के फार्म हाउस में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने राज्य और देश को एक बार फिर से झकझोर दिया है। भाजपा नेता कुंवर प्रणव चैंपियन ने इस मामले में सख्त ऐक्शन की मांग की है, जिसमें सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है।
देहरादून में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में, चैंपियन ने आरोप लगाया कि यह घटना केवल उत्तराखंड को ही नहीं बल्कि पूरे देश को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने कहा, “नारी के खिलाफ इस तरह के घृणित अपराध की जितनी भर्त्सना की जाए, उतना कम है। हमें इस मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है ताकि पीड़िता को यथाशीघ्र न्याय मिल सके।”
भाजपा और कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल
चैंपियन ने आगे कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों का इस मामले में मौन रहना अत्यंत चिंताजनक है और यह सवाल उठाता है कि क्या उनकी आंखें खुली हैं।
सीबीआई जांच की मांग
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश करने का आग्रह किया है। चैंपियन ने विधायक उमेश की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालने की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनके पास इस घटना में किसी प्रकार का संलिप्तता है या नहीं।
जांच की दिशा में उठाए गए कदम
चैंपियन ने अमरोहा में कुछ स्थानीय लोगों से मिली जानकारी का हवाला दिया, जिन्होंने बताया कि पहले भी इस फार्म हाउस से संबंधित शिकायतें आई थीं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा, "वह बेटी हिम्मत करके सामने आई और उसने मुकदमा दर्ज कराया। अब यह जांच का विषय है कि वहाँ पहले क्या होता रहा है।”
पुलिस के खिलाफ आरोप
चैंपियन ने कहा, “पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी गंभीर आरोप हैं और इनकी जांच की जानी चाहिए। यदि किसी स्तर पर प्रभाव या दबाव की आशंका हो, तो उसकी भी पड़ताल होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि इस मामले में फास्ट ट्रैक व्यवस्था लागू की जानी चाहिए ताकि मामले की सुनवाई तेज़ी से हो सके।
कानूनी पहलू
चैंपियन ने 2018 में दिल्ली में हुए एक दुष्कर्म मामले का भी संदर्भ दिया और कहा कि इस तरह की घटनाओं में न्याय की प्रतीक्षा करना अभिशाप बन जाता है। उन्होंने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय से भी मामले का संज्ञान लेने की अपील की।
विधायक उमेश का रुख
उधर, विधायक उमेश कुमार ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप असत्य हैं और वह खुद को निर्दोष मानते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच कर रही है और उन्होंने हमेशा न्याय का समर्थन किया है।
गौरतलब है कि मामले के बाद कई पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया है। चैंपियन ने कहा कि योगी सरकार को इस मामले में सच्चाई का खुलासा करना चाहिए कि क्या अय्याशी का आधार है या कुछ और।
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इस संवेदनशील मामले पर आगे की कार्रवाई के लिए प्रदेशवासियों और राजनीतिक दलों को एकजुट होकर विचार करने की आवश्यकता है।
सादर,
टीम हक़ीक़त क्या है,
मीना शर्मा
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