उत्तराखंड में पाक गैंगस्टर शहजाद भट्टी के ऑनलाइन नेटवर्क पर चुप्पी तोड़ने की तैयारी
The post पाक गैंगस्टर शहजाद भट्टी के ऑनलाइन नेटवर्क पर नजर appeared first on Avikal Uttarakhand. उत्तराखंड में 24 घंटे सोशल मीडिया निगरानी डीजीपी दीपम सेठ ने सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ाने और एटीएस को पेशेवर स्तर पर मजबूत करने के दिए निर्देश अविकल उत्तराखंड देहरादून… The post पाक गैंगस्टर शहजाद भट्टी के ऑनलाइन नेटवर्क पर नजर appeared first on Avikal Uttarakhand.
उत्तराखंड में पाक गैंगस्टर शहजाद भट्टी के ऑनलाइन नेटवर्क पर चुप्पी तोड़ने की तैयारी
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड पुलिस ने पाक गैंगस्टर शहजाद भट्टी के ऑनलाइन नेटवर्क पर गहन नजर रखने का निर्णय लिया है ताकि युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने के प्रयासों को रोका जा सके।
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की कोशिशों की सूचना मिलने के बाद चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ाने और एटीएस को पेशेवर स्तर पर मजबूत करने का निर्णय लिया है।
सोशल मीडिया पर निगरानी
पुलिस विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि वे संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और संबंधित नेटवर्क पर नजर रखें। देश में शहजाद भट्टी के सहयोगियों की गिरफ्तारी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। डीजीपी ने कहा, "सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी बनाने के प्रयासों को गंभीरता से लिया जाए और संदिग्ध गतिविधियों का संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।"
राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति पर चर्चा
हाल ही में एक बैठक में, डीजीपी ने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और नई चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से आतंकवाद-रोधी नीति 'प्रहार' को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया। उत्तराखंड एटीएस की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े राज्यों के कार्यप्रणाली और सफल अभियानों का अध्ययन करने की सलाह भी दी गई।
सुरक्षा को प्राथमिकता
डीजीपी ने चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। साथ ही, आगामी कुंभ मेले और विधानसभा चुनावों के लिए व्यापक सुरक्षा योजनाओं की तैयारी भी आवश्यक बताई। इसके लिए आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरण और संसाधनों की व्यवस्था करने की भी बात कही गई है।
सोशल मीडिया की निगरानी
डीजीपी ने फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भड़काऊ सामग्री, साम्प्रदायिक अफवाहों और छेड़छाड़ किए गए वीडियो को तुरंत चिह्नित किया जाए और तथ्य-जांच जारी की जाए।
बैठक में महानिदेशक अभिनव कुमार, आईजी नीलेश आनंद भरणे, और आईजी सुनील कुमार मीणा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक से जुड़े थे। यह साफ है कि उत्तराखंड पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है और भविष्य में किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहती है।
युवाओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार को चाहिए कि वे उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन करें ताकि कट्टरपंथ की ओर न जाने पाए।आपको अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
सुरक्षा और व्यवहारिक कदम उठाए जाने की इस प्रक्रिया से हमें यह जानकारी मिलती है कि समाज में सुधार लाने के लिए पुलिस और सरकारी संस्थाओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
इस प्रकार, उत्तराखंड पुलिस का यह प्रयास निश्चित ही युवा पीढ़ी को कट्टरपंथ से बचाने का एक सकारात्मक कदम साबित होगा।
सादर, टीम हकीकत क्या है
स्मिता शर्मा
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