उत्तराखंड में नर्सिंग कर्मचारियों का 160 दिन से चला आ रहा आंदोलन स्थगित, टंकी से उतरे प्रदर्शनकारी

DEHRADUN:  उत्तराखंड में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर 5  महीने से नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन आखिरकार स्थगित हो गया है। आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत 5 नर्सिंग अभ्यर्थी पानी की टंकी से भी नीचे उतर गए हैं। वो करीब 60 घंटे टंकी पर चढ़े हुए थे, जो सरकार […] The post 60 घंटे बाद टंकी से उतरे प्रदर्शनकारी, नर्सिंग कर्मचारियों का 160 दिन से चला आ रहा आंदोलन स्थगित appeared first on Devbhoomi Dialogue.

May 14, 2026 - 00:39
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उत्तराखंड में नर्सिंग कर्मचारियों का 160 दिन से चला आ रहा आंदोलन स्थगित, टंकी से उतरे प्रदर्शनकारी
उत्तराखंड में नर्सिंग कर्मचारियों का 160 दिन से चला आ रहा आंदोलन स्थगित, टंकी से उतरे प्रदर्शनकारी

उत्तराखंड में नर्सिंग कर्मचारियों का आंदोलन समाप्त, टंकी से उतरे प्रदर्शनकारी

DEHRADUN: उत्तराखंड में नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन, जो पिछले पांच महीनों से चल रहा था, अंततः स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित पांच नर्सिंग अभ्यर्थी पानी की टंकी से नीचे उतर आए हैं, जहां वे लगभग 60 घंटे तक चढ़े रहे। उन्होंने आश्वासन मिलने के बाद अपने आंदोलन को समाप्त किया, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।

कम शब्दों में कहें तो, नर्सिंग कर्मचारियों का आंदोलन, जो वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर चल रहा था, अब खत्म हो गया है। इस मुद्दे के समर्थन में कई कांग्रेस नेता भी सक्रिय रहे हैं। अधिक अपडेट के लिए यहाँ क्लिक करें.

आंदोलन का कारण और स्थिति

वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के बैनर तले नर्सिंग बेरोजगार लगभग पांच महीने से एकता विहार में धरना दे रहे थे। हालांकि उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हो पाया। हाल ही में, तीन दिन पहले नर्सिंग बेरोजगारों ने अपना आंदोलन और भी तेज कर दिया और परेड ग्राउंड की ओर बढ़े। वे सुबह 5 बजे सर्वे चौक स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिसके साथ ज्योति रौतेला भी थीं। प्रशासन की चिंताओं में इजाफा हो गया।

सरकार की सकारात्मक पहल

मामले की गंभीरता को देखते हुए 12 मई की शाम को उत्तराखंड स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा भी धरना स्थल पर पहुंचीं। नर्सिंग कर्मचारियों की मांगों पर सरकार ने सकारात्मक पहल की। जैसे ही सरकार ने मांगों पर कार्रवाई शुरू की, आंदोलनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं और यदि भविष्य में मांगों को लेकर कोई भी आनाकानी की जाती है, तो वे फिर से मजबूती के साथ आंदोलन करेंगे।

आंदोलन के प्रति समर्थन

नर्सिंग कर्मचारियों ने आंदोलन के दौरान समर्थन करने वाले संगठनों, साथियों और आम जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि युवा और कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई में वे एकजुट होकर आगे भी लड़ते रहेंगे।

60 घंटे बाद पानी की टंकी से उतरी ज्योति रौतेला

आंदोलन में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने पानी की टंकी पर चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने मंगलवार को अपनी जान की परवाह किए बिना पेट्रोल छिड़क दिया था जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया था। हालांकि, आज सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद सभी लोग टंकी से नीचे उतर आए और इसी के साथ यह 160 दिनों से चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया।

निष्कर्ष

नर्सिंग कर्मचारियों का यह आंदोलन केवल उनकी नौकरी के भविष्य का मुद्दा नहीं था, बल्कि यह युवा वर्ग के अधिकारों की एक व्यापक लड़ाई थी। यह घटना यह दर्शाती है कि सरकारें कैसे जनता की मांगों को अनदेखा कर सकती हैं, लेकिन जब जनता एकजुट होती है, तो बदलाव भले ही धीरे-धीरे ही आए, लेकिन अंततः आता है।

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