उत्तराखंड मीडिया दल ने गेवरा खदान में आधुनिक खनन तकनीक का मूल्यांकन किया

संवादसूत्र देहरादून/रायपुर/कोरबा: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून की ओर से आयोजित पांच दिवसीय अध्ययन एवं मीडिया एक्सपोजर टूर के दूसरे दिन उत्तराखंड के 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा ओपनकास्ट कोयला खदान का भ्रमण किया। पत्रकारों ने खनन प्रक्रिया के साथ आधुनिक तकनीक, सुरक्षा […]

Sep 16, 2026 - 00:52
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उत्तराखंड मीडिया दल ने गेवरा खदान में आधुनिक खनन तकनीक का मूल्यांकन किया

उत्तराखंड मीडिया दल ने गेवरा खदान में आधुनिक खनन तकनीक का मूल्यांकन किया

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के 13 सदस्यीय मीडिया दल ने गेवरा ओपनकास्ट कोयला खदान का दौरा किया, जहाँ उन्होंने खनन की प्रक्रियाओं एवं पर्यावरण प्रबंधन के पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की।

संवादसूत्र देहरादून/रायपुर/कोरबा: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित पांच दिवसीय अध्ययन एवं मीडिया एक्सपोजर टूर के दूसरे दिन, उत्तराखंड का 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के गेवरा ओपनकास्ट कोयला खदान का दौरा करने गया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आधुनिक खनन तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था, और पर्यावरण संरक्षण के लिए की जाने वाली कोशिशों को समझना था।

आधुनिक खनन तकनीकों का उपयोग

मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने गेवरा खदान में आधुनिक खनन तकनीकों का अवलोकन किया, जिसमें स्वचालित उपकरण और नई मशीनरी शामिल थीं। यह देखा गया कि कैसे इन तकनीकों के माध्यम से उत्पादकता में वृद्धि और सुरक्षा मापदंडों को उत्कृष्ट बनाया जा रहा है।

सुरक्षा प्रबंधन

दौरे के दौरान पत्रकारों ने खदान में सुरक्षा प्रबंधन के उपायों का भी प्रमाणिक रूप से मूल्यांकन किया। खदान में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो संसाधन एवं प्रथाएँ अपनाई जा रही हैं, वे प्रशंसा के योग्य थीं। स्ट्रैटेजिक प्लानिंग के साथ काम करने से सुरक्षा में काफी सुधार हुआ है।

पर्यावरण संरक्षण के उपाय

पर्यावरण संरक्षण के लिए एसईसीएल द्वारा उठाए गए कदमों पर भी गहरा ध्यान दिया गया। खदान प्रबंधन ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पुनर्नवीनीकरण, और भूमि पुनर्संरचना के लिए कई उपाय किए हैं। यह देखना महत्वपूर्ण था कि किस प्रकार खनन प्रक्रिया को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की कोशिश की जा रही है।

मीडिया दल की चर्चा

मीडिया दल की सदस्य राधिका प्रसाद ने बताया, "यह दौरा हमें राष्ट्रीय संसाधनों के प्रबंधन को समझने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। हमें ये जानकर खुशी हुई कि एसईसीएल पर्यावरण सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर ध्यान दे रही है।"

ब्लाग का महत्व

जनसंवाद के इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल पत्रकारों को जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक मुद्दों और विकास के प्रयासों के साथ जोड़ा भी रखते हैं। यह गेवरा खदान का दौरा दर्शाता है कि कैसे खनन कंपनियों को अपने कार्यों में विश्वसनीयता और पारदर्शिता लाने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए।

इस अध्ययन और मीडिया एक्सपोजर टूर का उद्देश्य खनन उद्योग में नवीनतम रुझानों को समझना और दर्शाना है। उत्तराखंड में संपन्नता लाने के लिए ऐसे पहल बहुत ही आवश्यक हैं।

अधिक जानकारी और अपडेट के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट हाकीक्त क्या है पर जाएँ।

सादर,

टीम हाकीक्त क्या है
(निर्मला कुमारी)

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