उत्तराखंड: मनसा देवी मंदिर में नया नियम, बिना जेब का कुर्ता पहनेंगे पुजारी और होगी सीसीटीवी से निगरानी
HARIDWAR: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विवाद के बीच उत्तराखंड के एक मंदिर में पारदर्शिता के लिए अनोखा तरीका अपनाया जा रहा है। हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब मंदिर में सेवा देने वाले […] The post उत्तराखंड के इस मंदिर में नया नियम लागू, बिना जेब का कुर्ता पहनेंगे पुजारी, सीसीटीवी कैमरों से होगी लगातार मॉनिटरिंग appeared first on Devbhoomi Dialogue.
उत्तराखंड: मनसा देवी मंदिर में नया नियम, बिना जेब का कुर्ता पहनेंगे पुजारी और होगी सीसीटीवी से निगरानी
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कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर ने चढ़ावे में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत पुजारियों को बिना जेब का कुर्ता पहनना होगा और चढ़ावे की निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में अब पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। हाल ही में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के विवाद के बाद, मंदिर ट्रस्ट ने पुजारियों के लिए बिना जेब वाले कुर्ते पहनना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही, पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए एक सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष का बयान
मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति की गलती का असर पूरी प्रबंधन की छवि पर पड़ता है। यही कारण है कि हमने न केवल नए ड्रेस कोड का फैसला लिया है, बल्कि चढ़ावे की निगरानी के लिए एक नई प्रणाली भी लागू की गई है।
बिना जेब का कुर्ता पहनेंगे पुजारी
ट्रस्ट के अनुसार, सभी पुजारियों को अब बिना जेब वाले कुर्ते पहनने की अनिवार्यता होगी। इस निर्णय का उद्देश्य चढ़ावे में किसी प्रकार के विवाद और शंकाओं को कम करना है। एक समान वेशभूषा से पुजारियों के बीच अनुशासन भी बढ़ेगा और मंदिर की गरिमा बनी रही।
सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
नई व्यवस्था के अंतर्गत, मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिये चढ़ावे तथा उससे जुड़ी सभी गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाएगी। सात सदस्यीय समिति समय-समय पर समीक्षा भी करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की सुरक्षित और सही तरीके से प्रक्रिया हो। ट्रस्ट का कहना है कि तकनीक और मानव निगरानी का संयोजन पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
इस पहल से न केवल श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि मंदिर के प्रबंधन में जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहे।
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टीम हकीकत क्या है, सुरेखा शर्मा
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