महिला सशक्तिकरण: उत्तराखंड की समृद्धि का मूल आधार - धामी का संदेश
The post धामी बोले- महिला सशक्तिकरण ही समृद्ध उत्तराखंड का आधार appeared first on Avikal Uttarakhand. तीज उत्सव में मातृशक्ति से सीधा संवाद 2.65 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय की ताकत देने पर जोर देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी… The post धामी बोले- महिला सशक्तिकरण ही समृद्ध उत्तराखंड का आधार appeared first on Avikal Uttarakhand.
महिला सशक्तिकरण: उत्तराखंड की समृद्धि का मूल आधार - धामी का संदेश
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कम शब्दों में कहें तो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला सशक्तिकरण को उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति का आधार बताया और तीज उत्सव में मातृशक्ति के योगदान को सराहा। 2.65 लाख से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, जो उनके आत्मनिर्भरता के मिशान का प्रतीक है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में भाऊवाला में आयोजित तीज उत्सव के दौरान मातृशक्ति से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण उत्तराखंड की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने महिलाओं की विभिन्न उपलब्धियों को सराहते हुए कहा कि 'सशक्त नारी-समृद्ध उत्तराखंड' की प्राप्ति में महिलाओं की भूमिका अनिवार्य है।
महिलाओं को नेतृत्व का अवसर
मुख्यमंत्री ने महिलाओें से संवाद के दौरान उनके सुझाव एवं अपेक्षाएं सुनीं। उन्होंने कहा कि राज्य की विकास यात्रा में महिलाओं का योगदान उल्लेखनीय रहा है। कठिनाइयों के बीच महिलाएं परिवार और समाज को संभालने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उनके नेतृत्व में न केवल परिवार बल्कि सम्पूर्ण समाज को सशक्त बनाया जा सकता है।
स्वरोजगार के क्षेत्र में बढ़ती सहभागिता
धामी ने बताया कि महिलाएं स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार, कृषि, बागवानी, और उद्यमिता जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता का नया उदाहरण पेश कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल महिलाओं को योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, अवसर, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है।
लखपति दीदी: आत्मनिर्भरता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। वर्तमान में, 2.65 लाख से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, जो उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।
आधुनिक दृष्टिकोण और तकनीकी पहल
महिलाओं के उत्पादों को बाजारों में उपलब्ध कराने के लिए 'हाउस ऑफ हिमालयाज' जैसे मंच स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, 'ड्रोन दीदी', 'सोलर सखी' और 'महिला सारथी' जैसी पहलों से महिलाएं नई तकनीकों से जुड़ रही हैं।
केंद्र की योजनाओं से नई गति
धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि उज्ज्वला योजना, मातृत्व वंदना योजना, और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान
राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा, उनके स्वरोजगार, कौशल विकास, और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा पर निरंतर काम कर रही है। विभिन्न योजनाओं जैसे 'ईजा-बोई शगुन', 'महालक्ष्मी किट', और 'नंदा गौरा योजना' के माध्यम से महिलाओं को अतिरिक्त सुविधा दी जा रही है।
तिज पर्व की शुभकामनाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने तीज पर्व और स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सम्मानित नागरिक बनाना और उन्हें निर्णय लेने की शक्ति देना है।
कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
धामी का यह संदेश स्पष्ट है कि महिला सशक्तिकरण के बिना उत्तराखंड की समृद्धि की कल्पना भी नहीं की जा सकती। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.
Team Haqiqat Kya Hai - निधि शर्मा
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