पहाड़ी दावत: तरबूज और खरबूजे के संग उत्तराखंड की संस्कृति का अद्भुत संगम

The post ‘पहाड़ी दावत’- तरबूज-खरबूजा संग झलका उत्तराखंड का स्वाद appeared first on Avikal Uttarakhand. स्थानीय व्यंजनों के बहाने संस्कृति का संदेश बोले—उत्तराखंडियत को देंगे वैश्विक पहचान अविकल उत्तराखंड देहरादून। गर्मी के मौसम में ठंडे-मीठे फलों और पहाड़ी व्यंजनों का अनोखा संगम उस वक्त देखने… The post ‘पहाड़ी दावत’- तरबूज-खरबूजा संग झलका उत्तराखंड का स्वाद appeared first on Avikal Uttarakhand.

Apr 17, 2026 - 18:39
 97  4.4k
पहाड़ी दावत: तरबूज और खरबूजे के संग उत्तराखंड की संस्कृति का अद्भुत संगम
पहाड़ी दावत: तरबूज और खरबूजे के संग उत्तराखंड की संस्कृति का अद्भुत संगम

पहाड़ी दावत: तरबूज और खरबूजे के संग उत्तराखंड की संस्कृति का अद्भुत संगम

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Haqiqat Kya Hai

कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को प्रमुखता देते हुए आयोजित ‘पहाड़ी दावत’ कार्यक्रम में तरबूज और खरबूजे के साथ पहाड़ी व्यंजनों का विशेष आनंद लिया गया।

अविकल उत्तराखंड, देहरादून। गर्मियों में ठंडे, मीठे फलों का संगम एवं पहाड़ी व्यंजनों का अद्भुत मेल देखने को मिला, जब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास पर ‘पहाड़ी दावत’ का आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य उत्तराखंड की संस्कृति को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना था।

इस कार्यक्रम में तरबूज, खरबूजा, और ककड़ी की ताजगी के साथ मंडवे की रोटी, लाल चावल, भट्ट की चूड़कानी और जौनसार की खास टमाटर चटनी ने मेहमानों को पहाड़ के असली स्वाद से परिचित कराया। बुरांश और नींबू का शरबत ने इस देसी मेन्यू में और अधिक रंग भरा।

पहाड़ी दावत

कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों लोग उपस्थित हुए। हालात यह थे कि हरीश रावत के आवास पर काफी भीड़ हो गई। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की संस्कृति और व्यंजन अब लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बना रहे हैं।

हरीश रावत ने मेज़बान की भूमिका निभाते हुए स्वयं अपने हाथों से व्यंजन परोसे, जिससे हमेशा की तरह एक खास अपनापन देखने को मिला। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कोई राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड के उत्पादों और संस्कृति को बढ़ावा देने की एक कोशिश है।

उन्होंने आगे कहा कि वे मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य के उत्पादों, परंपराओं और क्यूंकि की पहचान को बनाये रखने की हर संभव कोशिश की। अब समय आ गया है कि उत्तराखंड के व्यंजन केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएं।

पहाड़ी दावत

कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के सदस्य अवदेश पंत, सत्यप्रकाश चौहान और प्रेम सिंह दानू ने कार्यक्रम का स्वागत करते हुए चरखा भेंट किया। यह गतिविधि न केवल स्वाद का आनंद लेने का अवसर थी, बल्कि यह उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और स्थानीय उत्पादों की अच्छाइयों को उजागर करने का एक माध्यम भी था।

पहाड़ी दावत

‘पहाड़ी दावत’ के इस आयोजन ने न केवल स्वाद का आनंद दिया, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और स्थानीय उत्पादों की महत्ता का भी एक मजबूत संदेश दिया। यह निश्चित रूप से उन सभी के लिए प्रेरणा रहा, जो उत्तराखंडियत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां क्लिक करें

सादर,

Team Haqiqat Kya Hai
प्रियंका शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow