देहरादून में मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कदम, FDA ने की व्यापक जांच
DEHRADUN: राजधानी देहरादून में लोगों की थाली तक पहुंच रहे दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ […] The post मिलावटखोरी के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान जारी, FDA ने होटल, रेस्टोरेंट से जांच के लिए भेजे दूध-पनीर के नमूने appeared first on Devbhoomi Dialogue.
देहरादून में मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कदम, FDA ने की व्यापक जांच
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया है।
सख्त अभियान की शुरुआत
राजधानी देहरादून में चल रहे अभियान के दौरान FDA की टीमों ने कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यह छापेमारी मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ स्वच्छता मानकों के उल्लंघनों पर केंद्रित थी। खाद्य प्रतिष्ठानों में स्टोर, किचन, खाद्य लाइसेंस, कच्चे माल के स्रोत, खरीद के बिल, पैकेजिंग, और लेबलिंग की बारीकी से जांच की गई। इसी क्रम में, तीन रेस्टोरेंट्स में खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद उन्हें तुरंत बंद कर दिया गया।
खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जांच के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि मिलावट, अनधिकृत दुग्ध उत्पादों का उपयोग और स्वच्छता मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा, "हमने प्रमुख होटल जैसे मधुवन, जेएसआर और सरोवर पोर्टिको के किचन और स्टोर का भी निरीक्षण किया।" इस दौरान, पैक्ड खाद्य सामग्री की लेबलिंग भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर निर्माताओं को नोटिस सौंपा गया।
रेस्टोरेंट्स में गंदगी का गंभीर मामला
राजपुर रोड पर संचालित रेस्टोरेंट्स की जांच में दो रेस्टोरेंट किचन में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इस प्रकार के मानकों के उल्लंघनों को देखते हुए, उन्हें तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए। एक रेस्टोरेंट से दूध और पनीर का नमूना लिया गया और उसकी गुणवत्ता की जांच शुरू की गई।
दूध और पनीर के नमूनों की जांच
FDA की टीम ने नेहरू ग्राम और छह नंबर पुलिया क्षेत्र के दुग्ध प्रतिष्ठानों से दूध और पनीर के संदेहास्पद नमूने लिए हैं। सभी नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद, यदि गुणवत्ता में कमी या मिलावट पाई गई, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
खाद्य सुरक्षा का कोई समझौता नहीं
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त, विनय शंकर पांडे ने अपने बयान में कहा कि "खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।" यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विभाग की टीमें उन खाद्य प्रतिष्ठानों पर विशेष निगरानी रख रही हैं जहां बड़ी संख्या में लोग भोजन करते हैं।
विभाग के प्रमुख अधिकारियों ने नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रह और अभियान की लगातार समीक्षा के निर्देश जारी किए हैं। यह अभियान न केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखेगा।
सारांश में, सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम को खाद्य सुरक्षा में सुधार और लोगों की सेहत के लिए एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। इस बात की आवश्यकता है कि सभी खाद्य प्रतिष्ठान स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों का पालन करें ताकि स्थानीय निवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।
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साभार, टीम हकीकत क्या है - साक्षी वर्मा
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