CHAMOLI टनल हादसा: 7 श्रमिकों की मौत, 19 का सफल रेस्क्यू, मुख्यमंत्री धामी ने देखा ग्राउंड जीरो
CHAMOLI: चमोली मायापुर पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। सीएम ने रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली। हादसे में अब तक 7 श्रमिकों की मौत हो चुकी है जबकि 19 लोगों […] The post THDC टनल हादसे में 7श्रमिकों की मौत, 19 का रेक्स्यू, ग्राउंड जीरो पर पहुंचे CM धामी appeared first on Devbhoomi Dialogue.
CHAMOLI टनल हादसा: 7 श्रमिकों की मौत, 19 का सफल रेस्क्यू, मुख्यमंत्री धामी ने देखा ग्राउंड जीरो
कम शब्दों में कहें तो, चमोली में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे में 7 श्रमिकों की जान गई है, जबकि 19 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर जाकर राहत और बचाव कार्यों का निरीक्षण किया।
चमोली के मायापुर पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना ने इलाके को काफी प्रभावित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस हादसे में अब तक 7 श्रमिकों की मृत्यु हो चुकी है, और 19 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया है। जबकि तीन श्रमिक अभी भी लापता हैं।
घटनास्थल पर अधिकारियों के साथ मिले CM धामी
सीएम धामी ने टनल के भीतर जाकर बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों से महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। मलबा और पानी आने के कारण लगभग 1.50 किलोमीटर के हिस्से में भूधंसाव हुआ था, जिससे कई श्रमिक फंस गए थे।
मुख्यमंत्री ने तकनीकी विशेषज्ञताओं का प्रभावी उपयोग करते हुए रेस्क्यू अभियान को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने बचाव एजेंसियों से अनुरोध किया कि टनल में फंसे तीन श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।
कमिश्नर का बयान
चमोली के डीएम गौरव कुमार ने बताया कि टनल में फंसे कुल 22 लोगों में से अब तक 19 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि शेष 3 लोगों की तलाश और रेस्क्यू अभियान निरंतर जारी है। इस घटना के कारण 7 व्यक्तियों की दुखद मृत्यु की रिपोर्ट आ चुकी है।
रेस्क्यू किए गए श्रमिकों की स्वास्थ्य स्थिति
रेस्क्यू किए गए श्रमिकों को उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर लाया गया है, जहाँ स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों की टीम उनकी स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। एक श्रमिक की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे श्रीनगर बेस हॉस्पिटल भेजा गया है।
सामूहिक प्रयासों के बावजूद, इस गंभीर हादसे ने श्रमिकों के परिवारों पर एक गहरा असर डाला है। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने श्रमिकों एवं उनके परिवारों की सहायता के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है।
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हमें उम्मीद है कि सभी लापता श्रमिक शीघ्र ही सुरक्षित मिल जाएंगे। इस घटना से हमें यह समझना होगा कि इस प्रकार के निर्माण कार्यों में सावधानी और तैयारी की कितनी आवश्यकता है।
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लेखिका: साक्षी शर्मा, टीम Haqiqat Kya Hai
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