नीति घाटी में बारिश का कहर: तमक वैली ब्रिज बहे, चीन सीमा से संपर्क बाधित

CHAMOLI: उत्तराखंड मानसून कहर बरपाने लगा है। चमोली जिले में अचानक आई बारिश ने नीति घाटी में कहर ढाया है। भारी बारिश से तमक नाला उफान पर है। नाले के उफान से यहां बना वैली ब्रिज बह गया है जिसके बाद नीति घाटी का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस दौरान मजदूर व बीआरओ […] The post नीति घाटी में भारी बारिश का कहर, तमक वैली ब्रिज बहा, चीन सीमा से संपर्क कटा appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Aug 11, 2026 - 09:39
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नीति घाटी में बारिश का कहर: तमक वैली ब्रिज बहे, चीन सीमा से संपर्क बाधित
नीति घाटी में बारिश का कहर: तमक वैली ब्रिज बहे, चीन सीमा से संपर्क बाधित

नीति घाटी में बारिश का कहर: तमक वैली ब्रिज बहे, चीन सीमा से संपर्क बाधित

CHAMOLI: उत्तराखंड में मानसून ने अचानक अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। चमोली जिले की नीति घाटी में हो रही मूसलधार बारिश ने वहां की स्थिति को गंभीर बना दिया है। लगातार बारिश के कारण तमक नाला उफान पर आ गया है, जिससे वहां बना वैली ब्रिज बह गया है। इस घटना के बाद नीति घाटी का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से पूरी तरह से कट गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस दौरान कुछ मजदूर और बीआरओ (भBorder Roads Organization) के कर्मचारी लापता होने की खबर भी आई है। ऐसे में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया है।

नीति घाटी में बाढ़ की स्थिति

जानकारी के अनुसार, नीति घाटी में बारिश से नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिसके कारण यातायात में काफी बाधा उत्पन्न हो रही है। वर्तमान में, नीती घाटी की ओर जाने वाला मार्ग असुरक्षित है। भारी बारिश के कारण हुए जलभराव से लोग अपनी दैनिक गतिविधियों को संचालित नहीं कर पा रहे हैं। यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण है, लेकिन इस समय स्थिति बेहद चिंताजनक है।

तमक नाले में आई बाढ़ का प्रभाव

उफान पर आए तमक नाले के तेज बहाव ने वैली ब्रिज को अपनी चपेट में ले लिया। इस पुल के आसपास खतरा बना हुआ है क्योंकि नदी का जलस्तर अधिक होने से क्षेत्र में कोई भी आवाजाही अब सुरक्षित नहीं है। मालूम हो कि यह पुल हाल ही में तैयार किया गया था और इससे 17 गाँवों का संपर्क स्थापित होता था। लेकिन बारिश की वजह से अब ये गाँव भी एक दूसरे से कट गए हैं।

सुरक्षा और राहत कार्य

हिमालयी क्षेत्र में बार-बार आने वाली इस प्रकार की प्राकृतिक आपदा ने स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती उत्पन्न कर दी है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लापता लोगों की खोज में जुट गई हैं। इसके अलावा, स्थानीय लोग भी राहत कार्य में जुटे हुए हैं ताकि सुरक्षित बचाव हो सके।

भविष्य के लिए चेतावनी

इस प्रकार की जलवायु परिवर्तन से जुड़ी घटनाओं को देखते हुए, अब समय है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन मजबूत योजना और व्यवस्थाएं बनाने के लिए आगे आएं। बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से निपटने के लिए स्थायी और प्रभावी उपायों की जरुरत है।

कम शब्दों में कहें तो, नीति घाटी में बारिश के कारण बाढ़ आई है, जिससे वहाँ का संपर्क कट गया है, और स्थिति गंभीर बनी हुई है। उम्मीद है कि समय पर राहत कार्य चलाया जाएगा और पीड़ितों की मदद की जाएगी।

अधिक जानकारी और अपडेट के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: हक़ीक़त क्या है

खबर को खत्म करते हुए, टीम हक़ीक़त क्या है की ओर से [सुमन शर्मा]

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