नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज पर भाजपा नेताओं की किचकिच और स्थानीय जनता का विद्रोह
TEHRI: टिहरी जिले में मेडिकल कॉलेज के प्रस्तावित स्थान को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। दो साल पहले नई टिहरी के इणिया में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि चयनित कीगई थी, लेकिन अब इसे नरेंद्रनगर विधानसभा के पिफल्टी में देखा जा रहा है। इस बात से जहां स्थानीय जनता में आक्रोश है, वहीं […] The post भाजपा के दो नेताओं में मेडिकल कॉलेज पर किचकिच, नई टिहरी में स्थानीय लोगों का जोरदार प्रदर्शन appeared first on Devbhoomi Dialogue.
नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज पर भाजपा नेताओं की किचकिच और स्थानीय जनता का विद्रोह
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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी जिले में मेडिकल कॉलेज की प्रस्तावित जगह पर विवाद और स्थानीय प्रदर्शनों की लहर चल रही है। इस मामले में भाजपा के दो नेताओं में खुला टकराव भी देखने को मिल रहा है।
टिहरी: टिहरी जिले में मेडिकल कॉलेज के प्रस्तावित स्थान के लिए विवाद बढ़ता जा रहा है। पहले इसे नई टिहरी के इणिया में भूमि चयनित किया गया था, लेकिन अब इसको नरेंद्रनगर विधानसभा के पिफल्टी में स्थानांतरित करने की बात चल रही है। इससे स्थानीय जनता की नाराजगी बढ़ गई है और अब वे सड़कों पर उतर आए हैं। इस स्थिति में भाजपा के दो प्रमुख नेता, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े हैं।
विधायक किशोर उपाध्याय का दृष्टिकोण
किशोर उपाध्याय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि मेडिकल कॉलेज को इणिया से अन्यत्र जाना हुआ, तो वह इसके लिए जान भी देने को तैयार हैं। उनका कहना है कि इणिया में मेडिकल कॉलेज का होना जनहित में है और उन्होंने यहां की स्थानीय जनता के समर्थन की बात की है।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का पक्ष
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने हाल ही में नरेंद्रनगर विधानसभा के पिफल्टी में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि चयन की घोषणा की है। इस निर्णय ने टिहरी के नेताओं के बीच टकराव को बढ़ा दिया है। किशोर उपाध्याय इसे अपने क्षेत्र के लिए हानिकारक मानते हैं और लोगों का आक्रोश भी स्पष्ट है।
लोगों में आक्रोश और प्रदर्शन
उधर, नई टिहरी में विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और जन संगठनों से जुड़े लोग सड़कों पर उतर आए हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण जिला मुख्यालय के आसपास होना चाहिए ताकि सभी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें उनकी मांग को स्पष्ट रूप से रखा गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि इणिया में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि चयन पहले ही हो चुका है और इस निर्णय को बदलना जनभावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि पूर्व निर्धारित स्थान पर ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाए।
राजनीतिक बयानबाजी में वृद्धि
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, दोनों नेताओं के बीच की बयानबाजी भी तेज हो गई है। किशोर उपाध्याय ने कहा कि कुछ स्थानीय लोग उनके प्रयासों को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं और वे नहीं चाहते कि टिहरी का विकास हो।
स्थानीय निवासियों की चिंता
स्थानीय लोगों की चिंता है कि यदि मेडिकल कॉलेज को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया तो यह पूरे जनपद के स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि टिहरी के दूरदराज के क्षेत्र के मरीजों को भी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
यह स्पष्ट है कि भाजपा नेताओं के बीच का यह टकराव आने वाले समय में राजनीति को और भी गर्म करेगा। भले ही यह विवाद इस समय एक प्रशासनिक मुद्दा है, लेकिन यह स्पष्ट है कि इसे जल्द ही चुनावी राजनीति में बदलते देखा जाएगा।
इसके परिणामस्वरूप, यदि स्थानीय जनता की मांगों का सम्मान नहीं किया गया, तो यह मुद्दा चुनावी मैदान में एक महत्त्वपूर्ण विषय बन सकता है।
ताजा घटनाक्रमों को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि यह विवाद जनता के स्वास्थ्य के साथ-साथ भाजपा की राजनीतिक स्थिति को भी प्रभावित करेगा।
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सादर,
टीम हक़ीक़त क्या है
**सुषमा रावत**
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