दादी को घर से बेदखल करना चाहती है पोती, महिला सेल करेगी कार्रवाई - जानिए पूरा मामला
DEHRADUN: देहरादून डीएम डॉ आशीष चौहान ने समाधान दिवस पर जनता की समस्याओं और शिकायतो को गंभीरता सुना और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसी दौरान डीएम ने महिला सेल को एक ऐसी पोती पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं जो अपनी दादी को घर से निकालना चाहती थी और उसे […] The post लिव-इन में रह रही पोती करना चाहती है दादी को घर से बेदखल, बिगड़ैल पोती पर महिला सेल करेगी कार्रवाई appeared first on Devbhoomi Dialogue.
दादी को घर से बेदखल करना चाहती है पोती, महिला सेल करेगी कार्रवाई
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में एक पोती अपनी दादी को घर से बेदखल करने की कोशिश कर रही है, जिसके खिलाफ महिला सेल कार्रवाई करेगी। यह मामला डीएम डॉ आशीष चौहान के समाधान दिवस पर सामने आया।
DEHRADUN: देहरादून में समाधान दिवस पर जनता की समस्याओं को सुनते हुए जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने कई मामलों का गंभीरता से संज्ञान लिया। इनमें से एक मामला था 75 वर्षीय विधवा माया देवी का। माया देवी ने जिलाधिकारी के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वह अकेली रह रही हैं क्योंकि कोविड-19 महामारी में उनके बड़े बेटे की मृत्यु हो गई और पिछले वर्ष छोटे बेटे की भी मृत्यु हो गई।
माया देवी ने आरोप लगाया कि उनकी पोती, जो गलत संगति में है, अपने मित्र के साथ उनके पुस्तैनी मकान में 'लिव-इन' में रह रही है और उन्हें मानसिक तथा घरेलू उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। पोती दादी को घर से बेदखल करने की कोशिश कर रही है। माया देवी ने प्रशासन से सुरक्षा और सम्मान पूर्वक जीवन की गुहार लगाई।
महिला सेल की कार्रवाई
जिलाधिकारी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला सेल, देहरादून को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय सोशल वेलफेयर के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केवल एक दादी का मुद्दा नहीं, बल्कि सभी बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा का सवाल है।
अन्य शिकायतें भी पेश की गईं
समाधान दिवस पर अन्य शिकायतें भी आईं। एक विधवा महिला भगवान देई ने बताया कि उसके दोनों पुत्रों के बीच संपत्ति का बंटवारा हो चुका है, फिर भी छोटा पुत्र और उसकी बहु बड़े पुत्र के हिस्से की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। जिलाधिकारी ने इस मामले में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
यह घटनाक्रम समाज में बढ़ती समस्याओं और पारिवारिक विवादों को उजागर करता है, जो कोरोना काल के बाद काफी बढ़ गए हैं। इससे यह समझा जा सकता है कि पारिवारिक संबंधों में कितनी जटिलताएँ आ गई हैं।
जिलाधिकारी ने सामाजिक कल्याण के लिए ऐसे मामलों पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है, ताकि कोई भी वृद्ध नागरिक अपने बच्चों या नातियों के कारण मानसिक दबाव में न आए।
इस तरह के मामलों में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है, जो कि बुजुर्गों के हक और सम्मान की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाती है। ऐसे मामलों में न्याय पाने के लिए पीड़ितों को आवाज उठानी चाहिए और प्रशासन से समर्थन मांगना चाहिए।
इस मामले को लेकर महिला सेल की कार्रवाई, न केवल माया देवी के लिए, बल्कि समाज में अन्य बुजुर्गों के लिए भी एक उम्मीद की किरण हो सकती है।
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संपर्क: टीम हकीकत क्या है, सावन कुमारी
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