ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज ने शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया

The post ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास appeared first on Avikal Uttarakhand. कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें बढ़कर हुईं 250 अविकल उत्तराखंड देहरादून। ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने उत्तराखंड की चिकित्सा शिक्षा में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान में… The post ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास appeared first on Avikal Uttarakhand.

Aug 6, 2026 - 18:39
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ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज ने शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया
ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज ने शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया

गौरवमयी उपलब्धि: ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास

कम शब्दों में कहें तो: ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज ने एमबीबीएस की सीटों की संख्या 250 तक बढ़ाकर चिकित्सा शिक्षा में एक नई दिशा दी है।

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देहरादून: ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने उत्तराखंड की चिकित्सा शिक्षा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अब इस प्रतिष्ठित संस्थान में एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 250 हो गई हैं। यह राज्य का पहला मेडिकल कॉलेज है जिसे तीसरे बैच में 250 सीटों की मंजूरी मिली है। ऐसे में, ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नई मिसाल पेश की है।

विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं

ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने कम समय में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का कीर्तिमान स्थापित किया है। यहाँ दुनिया के अन्य विकसित देशों जैसी शैक्षणिक एवं चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। अत्याधुनिक लैब, हाई-टेक चिकित्सा उपकरण, और अनुभवी फैकल्टी के माध्यम से छात्रों को एक उन्नत शिक्षण प्रणाली का लाभ मिल रहा है। इन उच्च मानकों के आधार पर, नेशनल मेडिकल कमीशन ने इस संस्थान में एमबीबीएस सीटों की संख्या को बढ़ाकर 250 करने की स्वीकृति दी है। आने वाले सत्र में छात्रों का एडमिशन सेंट्रल काउंसलिंग के जरिए किया जाएगा।

अनूठी चिकित्सा तकनीक में पहचान

ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की पहचान केवल संख्या में नहीं है, बल्कि यहाँ की चिकित्सा तकनीक में भी है। इस संस्थान ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में पहली बार पीओईएम तकनीक से पांच वर्षीय बच्चे का सफल उपचार कर उसे नया जीवन दिया है। साथ ही, बिना ऑपरेशन के 50 मरीजों की अवरुद्ध आहार नली का सफल इलाज भी किया गया है। उत्तराखंड में बिना ओपन हार्ट सर्जरी के टीईईआर तकनीक से हृदय का वाल्व बदलने की उपलब्धि भी प्राप्त की गई है।

कॉलेज के अध्यक्ष का संदेश

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने इस उपलब्धि पर संपूर्ण मेडिकल कॉलेज टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि, "हमारा उद्देश्य केवल डॉक्टर तैयार करना नहीं, बल्कि संवेदनाओं के साथ ऐसे चिकित्सक तैयार करना है जो ज्ञान, तकनीक और सेवा-भाव से परिपूर्ण हैं। यही सच्ची मानव सेवा है।"

जश्न का माहौल

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में जश्न का माहौल था। पदाधिकारियों, चिकित्सकों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों ने साथ मिलकर इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए केक काटा।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस अवसर पर ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा और मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अर्चना ठाकुर समेत कई अन्य प्रमुख डॉक्टर और शिक्षकों की मौजूदगी रही। सभी ने इस अद्वितीय उपलब्धि का जश्न मनाते हुए एक दूसरे को बधाई दी।

इस प्रकार, ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने न केवल एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता का एक नया मानक स्थापित किया है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: Haqiqat Kya Hai.

क्रिएटिव दिशा, नई सोच और सेवाभाव के साथ चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की उपलब्धियाँ भारत के भविष्य की मेडिकल परंपरा को उज्ज्वल बनाएंगी।
टीम हक़ीक़त क्या है, प्रियंका शर्मा

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