ग्राफिक एरा में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: कम्प्यूटेशनल तकनीकों की नई दिशा
The post ग्राफिक एरा में कम्प्यूटेशनल तकनीकों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू appeared first on Avikal Uttarakhand. ‘भविष्य की तकनीकें विकास और पर्यावरण पर केंद्रित हों’ अविकल उत्तराखंड देहरादून । ग्राफिक एरा में विशेषज्ञों ने कहा कि भविष्य की तकनीकें सतत् विकास और पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों… The post ग्राफिक एरा में कम्प्यूटेशनल तकनीकों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू appeared first on Avikal Uttarakhand.
ग्राफिक एरा में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: कम्प्यूटेशनल तकनीकों की नई दिशा
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कम शब्दों में कहें तो, ग्राफिक एरा में आयोजित हुए दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कम्प्यूटेशनल तकनीकों के महत्व पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया।
देहरादून। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आज से कम्प्यूटेशनल तकनीकों पर एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सीएसआईसीटी 2026’ की शुरुआत हुई। इस आयोजन में देश-विदेश से अनेक विशेषज्ञ और शोधकर्ता शामिल हुए हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य तकनीकी नवाचारों को समाज के लाभ के लिए कैसे समायोजित किया जाए, इस पर चर्चा करना है।
भविष्य की तकनीकों की दृष्टि
इस सम्मेलन के उद्घाटन में एआईसीटीई और यूजीसी की मेंबर सेक्रेटरी डा. श्यामा रथ ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि ‘भविष्य की तकनीकें विकास और पर्यावरण पर केंद्रित हों’। उन्होंने ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत की लगातार बेहतर होती स्थिति को देश के नवाचारों की पहचान बताया। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी प्रगति नए इकोसिस्टम्स पर निर्भर करती है, जो नवाचार को समाज व उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रभावी समाधानों में परिवर्तित कर सके।
तकनीक का विकास और समाज
ग्राफिक एरा के कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने कहा कि तकनीक की सार्थकता केवल जटिलता या नवीनता में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी तकनीकों की आवश्यकता है जो पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने के साथ-साथ व्यापक जनहित में साबित हों।
आईआईटी रुड़की के डीन डा. विवेक कुमार मलिक ने सुझाव दिया कि भारत को वैश्विक तकनीकों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आवश्यकताओं के अनुसार स्वदेशी तकनीकों और उपकरणों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस संदर्भ में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डा. राघवेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि कम्प्यूटेशनल तकनीकों ने मानव जीवन और तकनीकी विकास को नई दिशा प्रदान की है।
सम्मेलन की रूपरेखा
इस दो दिवसीय सम्मेलन में कुल 12 तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा। विभिन्न विशेषज्ञ व्याख्यानों के साथ 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इस सम्मेलन में अमेरिका, कज़ाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और मलेशिया सहित नौ देशों से 140 प्रतिभागी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से भाग ले रहे हैं।
इस सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सहयोग से किया गया है। सम्मेलन का संचालन गुंजन मेहरा और मीनाक्षी मंडोला ने किया। इस अवसर पर अन्य शिक्षकों और छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के माध्यम से तकनीकी प्रगति और टिकल विचारों पर चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य समाज की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तकनीकी समाधान प्रदान करना है।
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