गुरु के चरणों में श्रद्धा और आशीर्वाद का पर्व: गुरु पूर्णिमा विशेष
The post गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित कर श्रद्धालुओं ने मांगा आशीर्वाद appeared first on Avikal Uttarakhand. श्री दरबार साहिब में गुरु पूर्णिमा पर गुरु महिमा का दिव्य संदेश गुरु पूर्णिमा पर विशेष लंगर प्रसाद में हजारों श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण अविकल उत्तराखंड देहरादून। दरबार श्री… The post गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित कर श्रद्धालुओं ने मांगा आशीर्वाद appeared first on Avikal Uttarakhand.
गुरु के चरणों में श्रद्धा और आशीर्वाद का पर्व: गुरु पूर्णिमा विशेष
कम शब्दों में कहें तो, गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने अपने गुरु के चरणों में श्रद्धा अर्पित की और आशीर्वाद मांगा। हजारों श्रद्धालुओं ने विशेष लंगर प्रसाद का लाभ उठाया। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Haqiqat Kya Hai
देहरादून। गुरु पूर्णिमा का पर्व इस बार दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज में अपार श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। यह पर्व गुरु की महिमा और उनकी शिक्षाओं के प्रति समर्पण का विशेष अवसर है। इस दिन देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए, जिन्होंने गुरु के चरणों में शीश नवाकर अपनी श्रद्धा अर्पित की और उनके आशीर्वाद की कामना की।
विशेष पूजा-अर्चना और आशीर्वाद
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने विशेष पूजा-अर्चना और अरदास का आयोजन किया। उन्होंने संगत को पावन दर्शन देते हुए गुरु राम राय जी महाराज के प्रति अपनी भक्ति प्रकट की। श्रद्धालु वहीं उपस्थित होकर अपनी मनोकामनाएँ अर्पित करते रहे।
लंगर प्रसाद का आयोजन
कार्यक्रम के उपरांत, श्रद्धालुओं के लिए विशेष लंगर प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। प्रसाद ग्रहण करना केवल भोजन प्राप्त करना नहीं, बल्कि यह गुरु की कृपा का प्रतीक भी है। यह सुबह से लेकर दिनभर चलता रहा, जिससे श्रद्धालुओं में ऊर्जा और भक्ति की लहर फैली।
गुरु की शिक्षाएँ और उनका महत्व
गुरु महिमा पर बात करते हुए, श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं होते, बल्कि वे हमारी आत्मा को सत्य, सेवा, करुणा और धर्म के मार्ग पर अग्रसर करने वाले होते हैं। उन्होंने गुरु पूर्णिमा को केवल पूजा का पर्व न मानने की अपील की, बल्कि इसे वास्तविक जीवन में गुरु के आदर्शों को उतारने का अवसर बताया।
समाज में प्रेम और मानवता का प्रचार
इस अवसर पर, उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। गुरु की शिक्षाएं हमें न केवल अपने सुधार में मदद करती हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त करती हैं। सभी को अपने जीवन में गुरु वचनों का पालन करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया।
समापन
गुरु पूर्णिमा के दिन, परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अनुपम वातावरण बना रहा। भजन-कीर्तन, अरदास और गुरु स्मरण से वातावरण आध्यात्मिक रस में सराबोर रहा। इस विशेष दिन ने श्रद्धालुओं को गुरु के प्रति अपनी आस्था और भक्ति को और भी दृढ़ किया।
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सादर, टीम Haqiqat Kya Hai
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