कांग्रेस में उठी बदलाव की बयार: कई विधायक बने हरीश रावत के समर्थक

The post सैलजा को ना, कई एमएलए व नेता बने हरीश रावत के सारथी appeared first on Avikal Uttarakhand. जनसंवाद यात्रा में हरीश रावत ने किया पलटवार अब हरदा की वेणुगोपाल व सैलजा से दिल्ली में होगी वार्ता हरदा बोले, जमीन से आवाज आ रही, बदलाव..बदलाव अविकल थपलियाल देहरादून।… The post सैलजा को ना, कई एमएलए व नेता बने हरीश रावत के सारथी appeared first on Avikal Uttarakhand.

Oct 6, 2026 - 00:39
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कांग्रेस में उठी बदलाव की बयार: कई विधायक बने हरीश रावत के समर्थक
कांग्रेस में उठी बदलाव की बयार: कई विधायक बने हरीश रावत के समर्थक

कांग्रेस में उठी बदलाव की बयार: कई विधायक बने हरीश रावत के समर्थक

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कम शब्दों में कहें तो, हरीश रावत ने अपनी जनसंवाद यात्रा के जरिए कई एमएलए और नेताओं का समर्थन प्राप्त किया है, जबकि कुमारी सैलजा को नजरअंदाज किया गया है।

देहरादून से अविकल थपलियाल की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के बाद कुमारी सैलजा ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को जनसंवाद यात्रा चलाने से मना किया। हालांकि, हरीश रावत ने केवल खुद ही नहीं, बल्कि कई अन्य विधायक और पूर्व विधायकों ने भी सैलजा के आक्रामक पत्र को खारिज करते हुए जसपुर से हल्द्वानी तक यात्रा में भाग लिया।

धन्यवाद जनसंवाद यात्रा का आगाज

बीमारी से उबरने के बाद हरीश रावत ने हल्द्वानी में कहा कि 'ज़मीन से आवाज आ रही है, बदलाव का समय आ गया है।' उन्होंने यह भी कहा कि 2029 में राहुल गांधी भारत के प्रधानमंत्री होंगे। इसके साथ ही, उन्होंने सीबीआई और ईडी जैसे मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी की आलोचना की।

यात्रा का समर्थन

5 अक्टूबर को जसपुर से शुरू हुई यह यात्रा रात में हल्द्वानी पहुंची। आलम यह था कि सभी नेताओं ने मिलकर भाजपा को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया। प्रारम्भ में ऐसा प्रतीत हो रहा था कि सैलजा के पत्र के कारण अन्य नेता इस यात्रा से मुंह मोड़ लेंगे, लेकिन कांग्रेस के चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह की सक्रियता ने समीकरण बदल दिए।

सार्वजनिक समर्थन से हरीश रावत की मजबूती

जनसंवाद यात्रा में शामिल होते हुए कांग्रेस के विधायक मदन बिष्ट, तिलकराज बेहड़, आदेश चौहान, और पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल जैसे नेताओं की मौजूदगी ने स्पष्ट संकेत दिया कि हरीश रावत की स्थिति अब मजबूत हो गई है।

दिल्ली में वार्ता की तैयारी

आने वाले 7 और 8 अक्टूबर को हरीश रावत, कुमारी सैलजा और महासचिव केसी वेणुगोपाल से दिल्ली में मुलाकात करेंगे। पार्टी के अंदर समर्थन को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि हाईकमान उनके कार्यक्रमों को कैसे आगे बढ़ाता है।

याद रहे कि कांग्रेस में ये ताज़ा घटनाक्रम इस बात का सूचक है कि पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन में बदलाव आ रहा है। अब यह देखना है कि हार्दिक रावत अपनी लोकप्रियता को कैसे आगे बढ़ाते हैं और पार्टी की दिशा में क्या बदलाव लाते हैं।

आगे बढ़ते हुए, कांग्रेस के एक गुट ने जनसंवाद यात्रा से दूरी बनाए रखी, लेकिन जसपुर से हल्द्वानी तक यात्रा का समर्थन हासिल कर के हरीश रावत ने अपनी निर्णायक भूमिका को फिर से स्थापित किया है।

अब, हरीश रावत अपने विरोधियों द्वारा दर्शाए गए संदेहों को कैसे खारिज करते हैं, यह देखने वाली बात होगी।

इसके साथ ही, अगर आप और अधिक जानकारी चाहते हैं तो कृपया हमारे पोर्टल पर जाएं: Haqiqat Kya Hai

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