उधम सिंह नगर: मुख्य सचिव आनंद बर्धन का निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर का स्थलीय निरीक्षण
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को किच्छा में 351 करोड़ की लागत से 280 बेड का निर्माणाधीन सेटेलाइट एम्स का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने श्रमिकों की संख्या व उपकरण बढ़ाते हुए कार्यों में गति लाकर आगामी माह जुलाई तक चिकित्सालय कार्य पूर्ण करने के निर्देश अभियन्ता सी पी डब्लू डी को […] The post Udham Singh Nagar:-मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने किया निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर,किच्छा का स्थलीय निरीक्षण appeared first on संवाद जान्हवी.
उधम सिंह नगर: मुख्य सचिव आनंद बर्धन का निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर का स्थलीय निरीक्षण
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किच्छा में 351 करोड़ की लागत से बन रहे 280 बेड के सेटेलाइट एम्स का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य की गति बढ़ाने के लिए श्रमिकों की संख्या और उपकरणों को बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किच्छा स्थित निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर का दौरा किया, जहां उन्होंने कार्य की प्रगति का स्वयं निरीक्षण किया। वह इस परियोजना की महत्वाकांक्षाओं और चुनौतियों को समझने के लिए वहां पहुंचे थे। बर्धन ने अभियंता सी.पी.डब्लू.डी. को निर्देश दिया कि वे कार्य में तेजी लाने के लिए श्रमिकों और मशीनरी की संख्या बढ़ाएं, ताकि अस्पताल का कार्य जुलाई तक पूरा किया जा सके।
निर्माण की प्रगति और भविष्य की योजनाएँ
- जुलाई 2026 तक निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए, ताकि अगस्त में ओपीडी शुरू हो सके: मुख्य सचिव।
- एम्स सैटेलाइट सेंटर का 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे अस्पताल की निकटता में सुधार होगा।
अभियंता सी.पी.डब्लू.डी. उत्पल त्रिपाठी ने बताया कि अस्पताल का कार्य 30 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवासीय भवनों का कार्य 85 प्रतिशत से अधिक हो गया है और यह मई तक तैयार हो जाएगा। अस्पताल की सड़कों का निर्माण भी मई तक पूरा किया जाएगा, जबकि पौधारोपण जून में किया जाएगा।
इस एम्स में 250 बेड, 10 ऑपरेशन थिएटर, 30 आईसीयू बेड, डायग्नोस्टिक और लेबोरेटरी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, पेडियाट्रिक्स, और इमरजेंसी एंड ट्रॉमा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, यहाँ सराय और शॉपिंग कॉम्पलेक्स भी बनाए जा रहे हैं।
परियोजना की महत्ता
यह परियोजना स्थानीय जनता के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सेवा केंद्र का निर्माण करेगी, जो इस क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाएगी। एम्स सैटेलाइट सेंटर ना केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा।
निदेशक एम्स ऋषिकेश, प्रो. मीना सिंह ने कहा कि यदि अस्पताल का कार्य समय पर पूरा होता है, तो अगस्त में ओपीडी प्रारंभ कर दी जाएगी। इसके अलावा, अधीक्षण अभियंता सिंचाई ने कहा कि highway साइड पर तीन एप्रोच गेट बनाना भी आवश्यक है, जो कि जुलाई से पूर्व नाला निर्माण कर एप्रोच पुलिया बना दी जाएगी।
पौधारोपण और सामुदायिक सहयोग
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्धन और मंडलायुक्त दीपक रावत ने परिसर में पौधा रोपण भी किया। इससे यह संदेश गया कि पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि स्वास्थ्य सेवा का विकास।
निरीक्षण में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, और अन्य सरकारी अधिकारी भी उपस्थित थे।
अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि यह एम्स परियोजना उधम सिंह नगर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
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