उत्तराखंड में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री धामी द्वारा बुनकरों और कारीगरों का सम्मान

7 August 2026. ‘ वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के संकल्प को आगे बढ़ा रही उत्तराखंड सरकार उत्तराखंड के पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने Continue Reading » The post राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने उत्कृष्ट बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों को किया सम्मानित appeared first on Mirror Uttarakhand.

Aug 8, 2026 - 09:39
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उत्तराखंड में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री धामी द्वारा बुनकरों और कारीगरों का सम्मान
उत्तराखंड में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री धामी द्वारा बुनकरों और कारीगरों का सम्मान

उत्तराखंड में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री धामी द्वारा बुनकरों और कारीगरों का सम्मान

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और वोकल फॉर लोकल आंदोलन को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित इस 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने बिच्छू घास (नेटल फाइबर) से बने पारंपरिक वस्त्रों को खरीदकर स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित किया और उन कारीगरों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी कला और कौशल से उत्तराखंड के परंपराओं को सजीव रखा है।

पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के कारीगर केवल वस्त्र और उत्पाद नहीं बनाते हैं, बल्कि वे संस्कृति, लोकजीवन और परंपराओं की आत्मा को भी उजागर करते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की बुनाई और हस्तशिल्प परंपरा अपनी विशिष्टता और गुणवत्ता के कारण देश-विदेश में मान्यता प्राप्त कर रही है।

वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये मुहिम स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यदि उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग और विपणन किया जाए, तो देश के कारीगरों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।

सरकार की योजनाएं

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से 278 बुनकरों और कारीगरों को चार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण और एक करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। इससे 834 लोगों को रोजगार मिला है। उत्तराखंड सरकार हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

ई-कॉमर्स, मेलों और प्रदर्शनियों जैसे माध्यमों से राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लाने का काम भी तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का अपील करते हुए सभी को याद दिलाया कि एक वस्तु खरीदना केवल खरीददारी नहीं है, बल्कि यह किसी कारीगर के जीवनयापन और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना है।

समारोह में मौजूद गणमान्य व्यक्तित्व

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक सविता कपूर और सचिव विनय शंकर पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में बुनकर, हस्तशिल्पी और महिला कारीगर उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम उत्तराखंड के पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को एक नई दिशा देने का एक कदम था।

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इस रिपोर्ट को समाप्त करते हुए, हम सभी पाठकों से अपेक्षा करते हैं कि वे स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का समर्थन करें।

सादर,
टीम हक़ीक़त क्या है, राधिका शर्मा

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