उजागर हुआ उत्तराखंड का संकल्प: सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ जनभागीदारी से चलाएंगे अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए जनभागीदारी,जन-जागरूकता तथा प्रत्येक नागरिक के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देकर उत्तराखंड को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने के संकल्प […] The post Uttarakhand:-मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा-सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध जनभागीदारी से चलाना होगा प्रभावी अभियान appeared first on संवाद जान्हवी.
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा: सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध जनभागीदारी से चलाना होगा प्रभावी अभियान
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध का सफल कार्यान्वयन जनहित की भागीदारी और जागरूकता से ही संभव है। इससे उत्तराखंड को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने का संकल्प साकार होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने हाल ही में जाखन स्थित एक होटल में आयोजित “एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में भाग लिया। इस आयोजन के दौरान उन्होंने जनभागेदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध यह अभियान केवल सरकारी प्रयासों पर निर्भर नहीं हो सकता। इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी एवं जागरूकता जरूरी है। मुख्यमंत्री ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को जन-आंदोलन में परिवर्तित करने की बात कही और इसे उत्तराखंड को एक स्वच्छ एवं हरित भविष्य के लिए आवश्यक बताया।
सत्यापन के लिए जनभागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जन जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “जंगलों, नदियों और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाने की आवश्यकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्लास्टिक अपशिष्ट का विज्ञान के अनुसार प्रबंधन और रीसाइक्लिंग के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था का संतुलन
- इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से ही साकार होगा सतत विकास का लक्ष्य।
- विश्व बाघ दिवस पर बाघ आधारित चित्र एवं पोस्टकार्ड का किया विमोचन।
- वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को किया सम्मानित।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमारे जंगलों की सुरक्षा से ही बाघों की सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनी रहेगी। उन्होंने भारतीय संस्कृति में प्रकृति को देवी के रूप में मान्यता दी और उत्तराखंड की जैव विविधता की सराहना की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित जनता के आंदोलन की आवश्यकता की भी बात की।
भविष्य के लिए दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री ने कपड़े के थैले, जूट और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों का उपयोग करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम सभाओं तथा सामाजिक संगठनों के माध्यम से युवाओं को इस अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य स्तरीय कार्यशाला से मिले सुझाव उत्तराखंड को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने में सहायक होंगे।
इस मौके पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी इशिता सजवाण, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल जैसे कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्व उपस्थित थे।
स्वच्छता और पारिस्थितिकी की रक्षा के साथ, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ दीर्घकालिक उपायों पर काम कर रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और सुशोभित उत्तराखंड का निर्माण हो सके।
इसके लिए वे सभी नागरिकों से बिना किसी आलस्य के अपनी भागीदारी सुनिश्चित करके सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ इस जन-आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान करते हैं।
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सादर,
टीम हकीकत क्या है,
सीमा शर्मा
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